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रांची : राज्यपाल ने किया झंडोत्तोलन, कहा- महिला शक्ति झारखंड के ग्रामीण अर्थव्यवस्था की है नींव

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द फॉलोअप डेस्क

74वें गणतंत्र दिवस के मौके पर रांची के मोरहबादी मैदान में राज्यपाल रमेश बैस ने झंडोत्तोलन किया और तिरंगे को सलामी दी। राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पावन धरती से मैं समस्त देशवासियों व झारखवासियों को 74वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य को बेहतर बनाने के लिए हम सबको मिलकर कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने  कहा कि झारखंड में प्राकृतिक संसाधन और मानव संसाधन की कोई कमी नहीं है। राज्य के आर्थिक विकास को सुदृढ़ करने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई योजनाएं बनाई हैं। राज्य में औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने, स्थापित इकाईयों को प्रोत्साहित करने एवं रोजगार को बढ़ावा देने के लिए झारखंड औद्योगिक नीति के अंतर्गत अनुदान का प्रावधान किया है। राज्य में तीव्र औद्योगिक विकास तथा लॉजिस्टिक क्षेत्र में निवेश के उद्देश्य से झारखंड औद्योगिक पार्क एवं लॉजिस्टिक नीति - 2022 को लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान की आवश्यकताओं के अनुरूप राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास के निमित्त झारखंड इलेक्ट्रिक वाहन नीति- 2022 को अधिसूचित किया गया।

संविधान हमारा मार्गदर्शक

राज्यपाल ने कहा कि आज ही के दिन हमारा देश एक गौरवशाली गणतंत्र के रूप में स्थापित हुआ तथा हमने अपने देश के संविधान को अपनाया। इसी संविधान के माध्यम से एक संप्रभु प्रजातांत्रिक गणराज्य की नींव रखी गई तथा नागरिकों के लिए न्याय, समानता, बंधुत्व, धर्म-निरपेक्षता एवं गरिमामय जीवन की वैधानिक परिकल्पना की गई। यह संविधान हमारा मार्गदर्शक है।  जिसके सहारे देश के सर्वांगीण विकास की परिकल्पनाएं पूरी हो रही हैं।

देश के महान देशभक्तों को नमन

उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर मैं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, डॉ० राजेंद्र प्रसाद, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, बाबा साहेब डॉ० भीमराव अंबेडकर, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सरदार बल्लभभाई पटेल जैसे महान देशभक्तों को नमन करता हूं। देश के उन तमाम विभूतियों को भी नमन करता हूं जिन्होंने हमारे देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहूति तक दी व अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। साथ ही, झारखंड के वीर सपूत धरती आबा बिरसा मुंडा, बाबा तिलका मांझी, वीर सिद्धो-कान्हू चांदभैरव, फूलो-झानो, वीर बुधु भगत, जतरा टाना भगत, नीलाम्बर-पीताम्बर, शेख भिखारी, टिकैत उमराव सिंह, पाण्डेय गणपत राय, शहीद विश्वनाथ शाहदेव जैसे वीरों को भी नमन करते हुए समस्त झारखंडवासियों की ओर से उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित करता हूं। प्यारे राज्यवासियों!

राजनीतिक प्रजातंत्र को सामाजिक प्रजातंत्र है बनाना

राज्यपाल ने कहा कि आज का दिन संविधान निर्माताओं द्वारा राष्ट्र निर्माण के लिए लिए गये संकल्प को दुहराने का दिन है। बाबा साहेब डॉ० भीमराव अंबेडकर ने कहा था कि हमें राजनीतिक प्रजातंत्र को सामाजिक प्रजातंत्र बनाना चाहिए। सामाजिक प्रजातंत्र एक ऐसी जीवन पद्धति है जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व को जीवन के सिद्धान्तों के रूप में स्वीकार करती है। उन्होंने  कहा कि मैं आप सभी को याद दिलाना चाहूंगा कि हमारा संविधान जहां हमें मौलिक अधिकार प्रदान करता है, वहीं मौलिक कर्तव्यों को भी रेखांकित किया है। आज जरूरत यह है कि अपने कर्तव्यों और देश के प्रति दायित्वों का निर्वहन करने के लिए हम प्रतिबद्ध हों। संवैधानिक स्वतंत्रता के प्रवर्तन का यह दिन हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज का दिन हमारे लिए आत्म-निरीक्षण का दिन भी है। हमें आत्मचिन्तन करना है कि संविधान के मार्गदर्शन में हम अपनी आजादी के उद्देश्यों एवं आदर्शों को कहां तक प्राप्त करने में सफल हो पाये हैं।

सरकार ने जन-कल्याण के अनेक कार्यों किया पूरा  

सरकार ने अपने गठन से लेकर अब तक जन-कल्याण के अनेक कार्यों को पूरा किया है और कई नये कार्यक्रमों की शुरूआत भी की है। सरकार ने सभी क्षेत्रों और वर्गों, विशेषकर गरीबों, कमजोरों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रख कर विकास के लक्ष्य तय किए हैं। सरकार का प्रयास है कि इस कार्य योजना के प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाया जाय। उन्होंने कहा कि कृषि और इससे संबंधित गतिविधियों झारखंड राज्य की अर्थव्यवस्था के मुख्य आधार हैं। दुर्भाग्यवश इस वर्ष सामान्य से काफी कम वर्षा के कारण खरीफ मौसम में रोपाई / बुआई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। राज्य के 22 जिलों के कुल 226 प्रखंडो को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है, जहां लगभग 30 लाख से अधिक कृषक परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है। सरकार मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना के तहत सुखाड़ प्रभावित प्रत्येक परिवार को तत्काल राहत के लिए 3500 रुपये की राहत अनुदान राशि उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के अन्तर्गत अब तक कुल 4.5 करोड़ मानव दिवस का सृजन किया गया है। इस वित्तीय वर्ष में कुल 4 लाख योजनाओं को पूरा किया जा चुका है। तथा 9.75 लाख योजनाओं पर कार्य हो रहा है। सुखाड़ को देखते हुए प्रति गाँव में पाँच योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

कृषि की समृद्धि के लिए सिंचाई व्यवस्था का सुदृढ होना जरूरी

राज्य में फसल उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ाकर कृषि क्षेत्र में समृद्धि लाने के लिए समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना -सह- कृषक पाठशाला योजना चलायी जा रही है। इसके साथ-साथ किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। कृषि की समृद्धि के लिए सिंचाई व्यवस्था का सुदृढ होना भी जरूरी है। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए राज्य की कुल 43 सिंचाई योजनाओं का पुनरुद्धार कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जिससे 50,317 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा फिर शुरू की गयी है एवं विभिन्न जिलों में 30 योजनाओं के नहरों का पुनरूद्धार कार्य प्रगति पर है, जिसे अगले वर्ष में पूर्ण कर 44,675 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा शुरू की जा सकेगी।

'दीदी बगिया योजना'  का किया जा रहा क्रियान्वयन

11. महिला शक्ति झारखंड के ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नींव है। राज्य की अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उनका कौशल विकास कर उन्हें रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। सरकार द्वारा मनरेगा के अंतर्गत 'दीदी बगिया योजना' का क्रियान्वयन किया जा रहा है एवं मेट व बागवानी सखी के रूप में महिलाओं को प्रशिक्षित कर इनसे कार्य लिया जा रहा हैफलस्वरूप मानव दिवस सृजन में महिलाओं की भागीदारी का प्रतिशत 47.10 हो गया है। महिलाओं के स्वावलंबन के साथ उनके सम्मान और सामाजिक अधिकारों की रक्षा करना भी सरकार की प्राथमिकता है। सरकार सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के द्वारा बालिकाओं को सक्षम व आत्मनिर्भर बनाने के लिए कक्षा-8 से 12 तक तथा 18-19 वर्ष की बालिकाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में अबतक लगभग 5.5 लाख लोगों को योजना का लाभ दिया गया है। राज्यपाल ने कहा कि सरकार ने राज्य में कार्यरत आंगनबाड़ी सेविका तथा सहायिका के मानदेय में बढ़ोतरी कर उसे क्रमशः 9500 रुपये तथा 4750 रुपये कर दिया है। 14. राज्यवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके इसके लिए सरकार प्रयासरत है। वर्ष 2024 तक जल जीवन मिशन के तहत् राज्य के लगभग 61 लाख ग्रामीण परिवारों को शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने के लक्ष्य के विरुद्ध अबतक 17 लाख से अधिक परिवारों को इस योजना का लाभ मिला है। जल की गुणवत्ता को बनाये रखने हेतु राज्य के 22 जल जांच प्रयोगशालाओं को भी अपग्रेड किया जा रहा है।

विकास की गति देने के लिए सरकार प्रयासरत

राज्यपाल ने कहा कि सरकार कृषि, ग्रामीण विकास, शिक्षा, एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में आधारभूत संरचना को मजबूत करने का प्रयास कर रही है। राज्य में सड़क मार्ग, रेल मार्ग एवं वायु मार्ग का विस्तार किया जा रहा है। राज्य में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने एवं नए रेलवे परियोजनाओं के निर्माण के लिए झारखंड सरकार तथा रेल मंत्रालय के द्वारा संयुक्त रूप से झारखंड रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि देवघर एयरपोर्ट के संचालन से संथाल परगना क्षेत्र देश के दूसरे हिस्सों से सुगम एवं तीव्र यातायात व्यवस्था से जुड़ गया है। भारत सरकार की उड़ान के शीघ्र ही जमशेदपुर से कोलकाता के बीच सीधी उड़ान सेवा प्रारंभ होगी।

स्वच्छ ऊर्जा समय की मांग

स्वच्छ ऊर्जा समय की मांग है। सरकार द्वारा झारखण्ड को प्रदूषण मुक्त ऊर्जा में अग्रणी बनाने के लिए "झारखण्ड सौर ऊर्जा नीति, 2022 लागू की गई है। इसके अन्तर्गत अगले पांच वर्षों में राज्य में लगभग 4000 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार शिक्षा के प्रति सजग एवं संवेदनशील है। राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में छात्र - छात्राओं के नामांकन, ठहराव एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। हमारी कोशिश है। कि हम आने वाले दिनों में शत् प्रतिशत नामांकन के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा सकें और झारखंड को एक शिक्षित एवं समृद्ध राज्य की श्रेणी में ला सकें। उन्होंने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा सुलभ कराने के लिए मैं निरंतर प्रयासरत हूं। विश्वविद्यालयों में रिक्तियों की समस्या को दूर करने के लिए कोशिश की जा रही है। शैक्षणिक सत्रों के नियमतीकरण एवं विश्वविद्यालयों में वित्तीय अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के छात्र जो 10वीं / 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होने के बाद आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते हैं, उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए गुरूजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की शुरूआत की गई है। इस योजना द्वारा छात्रों को बैंकों के माध्यम से 4% साधारण ब्याज की दर से अधिकतम 15 लाख रुपये ऋण के रूप में दिया जायेगा जिससे छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा होगी।

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मरङ गोमके जयपाल सिंह मुण्डा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना

राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग के युवाओं को विदेश में उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए मरङ गोमके जयपाल सिंह मुण्डा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना संचालित की जा रही है। विगत वर्ष सरकार ने युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए एकलव्य प्रशिक्षण योजना की शुरूआत की है। इस योजना के तहत् राज्य के विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारियों के लिए निःशुल्क कोचिंग की सुविधा एवं सहायता राशि उपलब्ध करायी जायेगी। इस योजना से कुल 27,000 विद्यार्थी प्रति वर्ष लाभान्वित होंगे। इसके साथ-साथ मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग, मेडिकल, विधि, पैशन टेक्नोलॉजी/ फैशन डिजाइनिंग, जन संचार, चार्टर्ड अकाउंटेंट / आई.सी.डब्लू.ए. से संबंधित प्रवेश परीक्षा के तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग की सुविधा दी जाएगी तथा कोचिंग अवधि तक सहायता राशि के रूप में 2500 रुपये प्रति माह का भुगतान डी0बी0टी0 के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के अनुसूचित जनजाति / अनुसूचित जाति / अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांग युवाओं को स्वरोजगार/स्वयं के व्यवसाय शुरू करने हेतु सुगम एवं सस्ते दर पर ऋण एवं ऋण पर अनुदान का लाभ देने के लिए मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना संचालित है। वर्ष 2022 में इस योजनान्तर्गत ऋण की शर्तों एवं प्रक्रिया का सरलीकरण कर ज्यादा-से-ज्यादा लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है।

" आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार"

सरकार जनता को बेहतर एवं संवेदनशील प्रशासन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्ष 2021 में सरकार ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास करते हुए "आपके अधिकार - आपकी सरकार आपके द्वार" कार्यक्रम का शुभारम्भ किया था जिसके अंतर्गत पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर लोगों को राज्य सरकार की विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इसी क्रम में वर्ष 2022 में पुनः "आपकी योजना- आपकी सरकार - आपके द्वार" कार्यक्रम का आयोजन दो चरणों में किया गया जिसके अन्तर्गत विभिन्न योजनाओं का लाभ लाभुकों के गांव टोला - घर तक पहुंचाने के साथ-साथ जन समस्याओं का समाधान भी इस कार्यक्रम के दौरान किया गया। साथ ही लगभग 2000 करोड़ रुपये की परिसम्पत्तियों का वितरण भी " आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार" - कार्यक्रम के तहत किया गया।

हमें गर्व है कि हम विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के हैं नागरिक

राज्यपाल ने कहा कि  हमें गर्व है कि हम विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के नागरिक हैं और इस लोकतंत्र की आधारशिला हमारा संविधान है जिसमें जन हित से जुड़े हुए हर विषय का समावेश है। इसमें नागरिकों के अधिकार सुनिश्चित किये गये हैं। वहीं, देश एवं समाज के प्रति उनके कर्तव्यों एवं दायित्वों का भी उल्लेख है। हमें गर्व है कि हमने अपने सर्वधर्म सम्भाव, शांति, एकता और सौहार्द्र के पहचान को अक्षुण्ण बनाये रखा है। मुझे भरोसा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि यदि सरकार और नागरिक दोनों अपने कर्तव्यों एवं उत्तरदायित्वों का निर्वहन ईमानदारी से करें तो हम निश्चित ही एक सशक्त एवं खुशहाल झारखंड का निर्माण करने में सफल होंगे। अन्त में मैं पुनः सभी महापुरुषों, शहीदों एवं राष्ट्रनिर्माताओं की स्मृति को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए आप सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें देता हूँ। हम सब मिल कर एक ऐसे झारखण्ड के निर्माण का संकल्प लें, जो ऊँच-नीच, सामाजिक भेद-भाव एवं असमानता से मुक्त हो तथा सभी नागरिकों को समानता के साथ गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार सुनिश्चित हो सके।

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