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छात्रों का भविष्य खतरे में है, परीक्षा से लेकर स्टार्टअप तक सरकार की जवाबदेही तय होःभद्रा

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द फॉलोअप, रांची
झारखंड में JPSC एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन को भारतीय स्टार्टअप एसोसिएशन ने अपना पूर्ण समर्थन दिया है। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रथिन भद्रा ने कहा कि झारखंड के छात्रों की समस्या केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है। आज राज्य का युवा पढ़ाई, परीक्षा, रोजगार, स्टार्टअप, नवाचार और अपने भविष्य हर मोर्चे पर व्यवस्था से सवाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह समझना होगा कि आंदोलन कर रहे ये युवा कोई बाहरी व्यक्ति नहीं हैं। “ये झारखंड के घरों के बच्चे हैं। यही बच्चे कल के शिक्षक, इंजीनियर, डॉक्टर, प्रशासनिक अधिकारी, उद्यमी और नौकरी देने वाले युवा हैं। इनकी आवाज को दबाने के बजाय सुनने की जरूरत है।” उन्होंने परीक्षा और स्टार्टअप को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने की भी मांग की।

“स्टार्टअप संस्थापक भी छात्र हैं, बस उनकी परीक्षा अलग है”

इंडियन स्टार्टअप एसोसिएशन ने कहा कि सरकार अक्सर छात्रों की समस्या को केवल सरकारी नौकरी और प्रतियोगी परीक्षाओं के नजरिए से देखती है, जबकि झारखंड का एक बड़ा युवा वर्ग नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से अपना भविष्य बनाने की कोशिश कर रहा है। ये युवा अपनी पढ़ाई के साथ साथ पानी, कृषि, पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और समाज की अन्य समस्याओं के समाधान पर काम कर रहे हैं। “एक छात्र परीक्षा देकर नौकरी पाने की कोशिश कर रहा है और दूसरा छात्र अपना स्टार्टअप खड़ा करके नौकरी देने की कोशिश कर रहा है। दोनों की मेहनत झारखंड के भविष्य की नींव है। सरकार को दोनों के लिए समान संवेदनशीलता दिखानी होगी।”

झारखंड स्टार्टअप नीति 2023 पर सरकार से सीधा सवाल
इंडियन स्टार्टअप एसोसिएशन ने कहा कि झारखंड में स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए झारखंड स्टार्टअप नीति 2023 बनाई गई थी, लेकिन सवाल यह है कि नीति का वास्तविक लाभ जमीन पर कितने स्टार्टअप तक पहुंचा?

एसोसिएशन के सवाल

- पिछले वर्षों में कितने स्टार्टअप को सरकारी सहायता मिली?
- कितने स्टार्टअप को नवाचार निधि से आर्थिक सहायता मिली?
- कितने स्टार्टअप को सरकारी प्रायोगिक परियोजनाएं मिलीं?
- कितने स्टार्टअप को सरकारी खरीद में अवसर मिला?
- कितने युवाओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और परामर्श की सुविधा मिली?
- स्टार्टअप नीति के लिए निर्धारित बजट में से कितनी राशि खर्च हुई?
- उस राशि से कितने रोजगार और कितने सफल स्टार्टअप तैयार हुए?

इंडियन स्टार्टअप एसोसिएशन की 5 बड़ी मांगें

1. JPSC एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित छात्रों की सभी वैध मांगों पर तत्काल उच्चस्तरीय संवाद हो।

2. परीक्षा से संबंधित अनियमितताओं के सभी आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।

3. झारखंड स्टार्टअप नीति 2023 का प्रत्येक प्रावधान के आधार पर क्रियान्वयन लेखा-परीक्षण कराया जाए।

4. स्टार्टअप एवं नवाचार के नाम पर पिछले वर्षों में खर्च किए गए सरकारी कोष का स्वतंत्र लेखा-परीक्षण एवं श्वेत पत्र जारी किया जाए।

5. परीक्षा व्यवस्था, स्टार्टअप नीति, नवाचार निधि और संबंधित सरकारी योजनाओं में संभावित वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं की समग्र CBI जांच कराई जाए।


 

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