गढ़वा:
गढ़वा के जंगलों में बाघ, तेंदुआ, भालू और हाथी समेत अन्य वन्यजीवों की वास्तविक संख्या का पता लगाया जाएगा। दक्षिणी वन प्रमंडल द्वारा इसके लिए ऑल इंडिया टाइगर एस्टिमेशन के तहत चरणबद्ध वन्यजीव गणना अभियान संचालित हो रहा है। 2 चरणों की गणना पूरी हो चुकी है, जबकि तीसरा चरण अंतिम दौर में है। इस अभियान के तहत भंडरिया, बड़गढ़ और रंका समेत समूचे दक्षिणी वन प्रमंडल के घने जंगलों में पहले चरण के तहत वन्यजीवों का पदचिह्न और मल-मूत्र समेत अन्य साक्ष्यों को संग्रह किया गया है।

दूसरे चरण में जंगल के संवेदनशील इलाकों में कैमरा ट्रैप इंस्टॉल किए गए हैं। इन अत्याधुनिक कैमरों की सहायता से बाघ, तेंदुआ, भालू और हाथी समेत अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जा रहा है। कैमरों में कैद तस्वीरों और वीडियो के माध्यम से वन्यजीवों की सही संख्या और उनकी मौजूदगी का वैज्ञानिक आकलन किया जायेगा।

कैमरा ट्रैप से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तीसरे चरण में कैमरा ट्रैप से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा, जिसके बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि गढ़वा के जंगलों में बाघ, तेंदुआ और अन्य वन्यजीवों की वास्तविक संख्या कितनी है। इस अभियान से वन्यजीव संरक्षण की रणनीति को और अधिक प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी।