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आस्था या अंधविश्वास? : मृत बेटे को जिंदा करने 7 घंटे तक प्रार्थना करता रहा परिवार

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द फॉलोअप डेस्क
चतरा में अंधविश्वास का एक बड़ा मामला सामने आया है जहां एक मां अपने मृत बच्चे के शव को जिंदा करने के लिए सुबह के 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक प्रभु यीशु की प्रार्थना करती रही। मामला हंटरगंज के पैनीकला गांव का है जहां बीते बुधवार को मृतक की मां के अलावा फुआ, चाचा और गांव के अन्य महिलाएं प्रार्थना में शामिल रहीं।
मिली जानकारी के अनुसार गुजरात के अहमदाबाद में सोमवार को पैनीकला गांव के प्रदीप पासवान का 21 वर्षीय पुत्र विक्रम कुमार पासवान की मौत अचानक तबियत बिगड़ने से हो गई थी। जिसके बाद शव बुधवार को गांव लाया गया, जिसके बाद अंधविश्वास का तमाशा शुरू किया गया। शव के आते ही उसकी मां अनिता देवी, फुआ चिंता देवी और चाचा नंदु पासवान के साथ गांव व रिश्तेदार की अन्य महिलाएं प्रभु यीशु से प्रार्थना करने लगे। वहीं मृतक की मां ने घर के किसी भी सदस्य को रोने नहीं दिया और 7 घंटे तक घर में शव को रख प्रार्थना करती रही। 
घटना की जानकारी वशिष्ठनगर थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह को दी गई कि शव को घर में रखकर जिंदा करने के लिए झाड़-फूक किया जा रहा है। जिसके बाद पुलिस स्थानीय लोगों के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस की खबर मिलते ही परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने श्मशान घाट ले कर ले गए। 
पुलिस के पूछताछ के बाद मृतक की मां ने बताया 17 जुलाई को मेरा बेटा गुजरात काम करने के लिए पैनीकला गांव से निकला था। सोमवार को उसकी अचानक तबीयत खराब हुई और मौत हो गयी, लेकिन मुझे यकीं नहीं हो रहा था। जिसके बाद हमने अंतिम प्रयास के लिए बाइबिल के सहारे प्रार्थना कर उसे पुनः जीवित करने में जुट गए। यही नहीं उन्होंने बताया कि इस प्रार्थना में शामिल होने के लिए इस धर्म से जुडी कुछ महिलाएं भी बिहार के डोभी, घोड़ाघाट आदि गांव से आई थी और बच्चे को जीवित करने का प्रयास कर रही थी। लेकिन अंत में मृतक का हिंदू रीती रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। 
 

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