द फॉलोअप, दुमका
दुमका की मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत ने अवैध आरा मिल संचालन और प्रतिबंधित लकड़ियों के भंडारण से जुड़े मामले के आरोपी जयपाल राउत और पंकज राउत के खिलाफ वारंट जारी करने से इनकार कर दिया है। मालूम हो कि वन विभाग की टीम द्वारा दुधानी स्थित मेसर्स लाल जी पटेल एंड कंपनी सॉ मिल में 13 जून 2025 को गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की थी। छापेमारी और जांच के दौरान पाया गया कि आरा मिल अधिसूचित वन क्षेत्र के पांच किलोमीटर के दायरे में प्रतिबंधित क्षेत्र में संचालित हो रही है। कार्रवाई के दौरान एक वर्टिकल सॉ मशीन, एक हॉरिजॉन्टल सॉ मशीन, लकड़ी ढोने वाली ट्रॉली, रेल ट्रैक सहित बड़ी मात्रा में अनकट कटहल, आम और शीशम की लकड़ियां बरामद की गई थीं। वन विभाग की जांच में अवैध आरा मिल संचालन और लकड़ियों के अवैध भंडारण की पुष्टि होने के बाद अभियोजन प्रतिवेदन न्यायालय में दाखिल किया गया, जिसके आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संज्ञान लिया।

संज्ञान लेने के बाद वन विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आवेदन अदालत में दायर किया। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने वारंट जारी करने से इनकार करते हुए कहा कि अभियोजन प्रतिवेदन पहले ही दाखिल किया जा चुका है। अब आरोपियों की न्यायालय में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कानून के अनुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। अदालत के इस आदेश के बाद फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं होगा, जबकि मामले की सुनवाई नियमानुसार जारी रहेगी।
