द फॉलोअप, रांची
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अजीब तरह की परिस्थिति उत्पन्न की जा रही है। विधानसभा अध्यक्ष अपने तरह से जरूरी चीजों को आगे बढ़ाने की कोशिश की। हम लोगों ने हर संभव प्रयास किया कि सदन चले। लेकिन जैसा कि आपने देखा, सदन में नोट उड़ाए जा रहे हैं, इन्हीं नोटों के दम परआज ये यहां खड़ा हैं और इसी नोट की बदौलत ये राजनीति कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के सरकार में आने के बाद गरीब लोगों और नौजवानों की जेबों से कैसे पैसे निकल रहे हैं, ये सबको पता है। और वो पैसे कहां जा रहे हैं, वो भी आज दिख रहा है। मुख्यमंत्री मंगलवार को मानसून सत्र की समाप्ति के बाद सदन के बाहर मीडिया से बातचीत कर रहे थे।

सीएम ने कहा-कहावत है कि सच को चाहे कितनी भी मजबूत दीवारों के अंदर बांधकर रखो, बंदिशों को तोड़कर वो सामने आ ही जाता है। वर्तमान में यही सच्चाई है। आज नौजवानों के भविष्य को लेकर जिस तत्परता के साथ राज्य सरकार अपनी इच्छाशक्ति को आगे बढ़ा रही है, वो सबके सामने भी है। आज किस तरीके से केंद्र सरकार के द्वारा बनाई जा रही नीतियों की वजह से करोड़ों छात्रों का रोजगार जा रहे है, नौकरियां जा रही हैं। छोटे-बड़े प्रतिष्ठान और मझोले प्रतिष्ठान स्थानीय स्तर पर बंद हो रहे हैं। इससे रोजगार कहां है?

हेमंत सोरेन ने कहा-आज इतने सारे घटनाक्रम के बीच में एक कड़ी अगर हम जोड़ेंगे। हाल के दिनों में क्या हुआ? कई सारी नियुक्तियां हुई हैं। छोटी-बड़ी नियुक्तियों को लेकर सवाल भी खड़े हुए। उन सवालों का समाधान करने का प्रयास भी किया गया। लेकिन आप देखेंगे कि उन सभी परीक्षाओं में लगभग 75 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक जो चयनित अभ्यर्थी होते हैं, सभी यहां के मूल निवासी थे। कई सारी परीक्षाओं के आंकड़ें बताऊं, तो उदाहरण भी दे सकता हूं। उसी जगह पर भाजपा शासन काल में बड़े पैमाने पर अलग-अलग राज्यों के लोगों ने नियुक्तियां पाई यह भी किसी से छुपा नहीं है। विपक्ष के हर सवाल का जवाब हमारे पास है। लेकिन इनकी महत्वाकांक्षाएं इतनी बड़ी हैं और इस कदर हैं कि इनको सच से सामना करना बहुत कठिन होता है। उसी पीड़ा का यह असर है। यही कारण भी है कि समय से पहले सदन की कार्यवाही समाप्त की गयी।
