द फॉलोअप डेस्क
राजधानी रांची की मौसम की तरह भोजनावकाश के बाद झारखंड विधानसभा के पूरक मानसून सत्र की कार्यवाही का माहौल भी बदल गया। जिस तरह राजधानी रांची में आज दोपहर बाद धूप खिली और मौसम सुहाना दिखा, उसी तरह भोजनावकाश के बाद विपक्ष सदन में शांतिपूर्ण व्यवहार किया। राज्य सरकार ने अपने सभी महत्वपूर्ण विधायी कार्य को संपन्न करा लिया। विपक्ष के मामूली विरोध के बीच झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2025, झारखंड व्यवसायिक शिक्षण संस्थान (शुल्क विनियमन) विधेयक 2025, झारखंड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक 2025, झारखंड प्लेटफॉर्म आधारित गिग श्रमिक (निबंधन एवं कल्याण) विधेयक 2025 तथा झारखंड सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (विशेष छूट) विधेयक 2025 ध्वनि मत से पारित होते चले गए।

इसी क्रम में संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने गहन मतदाता पुनरीक्षण(एसआईआर) के विरोध में सदन में प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव से पूर्व ही एसआईआर कराने की क्या जरूर पड़ी। प्रस्ताव में झारखंड में एसआईआर नहीं कराने की उसमें बात कही गयी है। इसे सदन ने ध्वनि मत से पारित कर दिया। इसका प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने जमकर विरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य का डेमोग्राफी बदल रही है। सरकार बंगलादेशियों को वोटर बनाने की कोशिश कर रही है। फर्जी वोटर बना कर लाभ लेने की कोशिश में है। लेकिन विरोध के बाद भी सदन से प्रस्ताव पारित हो गया।
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