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भयभीत महागठबंधन के विधायक रिसोर्ट्स में नहीं ले जाए गए, एकजुटता का दावा करने वाले एनडीए विधायक होटल में कैद हो गए

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द फॉलोअप, रांची
राज्यसभा चुनाव को लेकर इस बार एक नया होटल पॉलटिक्स प्रारंभ हो गया है। यह अलग बात है कि होटल पॉलिटिक्स शुरू होने से राष्ट्रीय स्तर पर हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर झारखंड की साथ साथ बदनामी भी शुरू हो गयी है। इसमें दिलचस्प यह है कि राज्यसभा चुनाव में ज्यादा भयभीत बताया जाने वाला महागठबंधन अपने विधायकों को रिसोर्ट्स नहीं ले गया वहीं अपनी एकजुटता का दावा करने वाला एनडीए अपने विधायकों को होटल में कैद कर लिया है। एनडीए के विधायक अगले 40 घंटे तक होटल रेडिशन ब्लू में कैद रहेंगे। होटल से ही 18 जून को सीधे विधानसभा निकलेंगे और वहां वोट डालेंगे। हालांकि प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव का कहना है कि इसे राज्यसभा चुनाव से जोड़ कर नहीं देखा जाना चाहिए। पार्टी अरसे से प्रवास के माध्यम से रणनीतिक मंथन करने की जरुरत महसूस कर रही थी। एसआईआर, प्रधानमंत्री के जन कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, जैसे समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श करना चाहती थी। इसके लिए लंबे समय की जरुरत थी। पार्टी कार्यालयों में दो-तीन घंटों की बैठकों में यह संभव नहीं हो पा रहा था। इसलिए 36-40 घंटे तक होटल में रह कर विधायकों के साथ रणनीतिक मंथन और विचार-विमर्श किया जाएगा।


हालांकि यह भाजपा का फेस सेविंग बयान है। सच यह है कि कांग्रेस जिस रणनीति के तहत काम कर रही है, उससे एनडीए में भी फूट का डर घर कर गया है। प्रतुल शाहदेव इसे राज्यसभा चुनाव से कोई सरोकार नहीं बता रहे। वहीं होटल में आने वाले विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी, तिवारी महतो, नवीन जायसवाल सरीखे विधायक साफ कह रहे हैं कि यहां राज्यसभा चुनाव को लेकर विधायकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्हें वोट कैसे दिया जाता है, यह सिखाया जाएगा। क्योंकि कई नये विधायक हैं और पहली बार राज्यसभा चुनाव में वोट करेंगे। यह अलग बात है कि वोट डालने का प्रशिक्षण प्रदेश भाजपा मुख्यालय में भी दिया जा सकता है। वहां भी 24 विधायकों के बैठने की व्यवस्था है। प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम आयोजित करने की अन्य सुविधाएं भी। लेकिन सच कुछ और है और होटल का खर्च उठाने वाला भी कोई कमजोर नहीं है।


वैसे महागठबंधन भी आज से दो दिनों तक सीएम हाउस में डीनर पॉलटिक्स करने जा रहा है। 16 जून को केवल झामुमो विधायकों की और 17 जून को इंडिया गठबंधन के सभी 56 विधायक यहां जुटेंगे। डीनर करेंगे। डीनर पर पॉलिटिक्स करेंगे। इन्हें भी राज्यसभा चुनाव में वोट डालने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए डेमो किया जाएगा। किस विधायक को बैजनाथ राम और किस विधायक को प्रणव झा को वोट डालना है, यह बताया जाएगा। उसी अनुरूप उनसे वोट भी डलवाया जाएगा। साथ ही उन्हें हड़काया भी जाएगा कि अगर किसी ने क्रास वोटिंग की तो पार्टी कड़ा एक्शन लेगी। यह अलग बात है कि राज्यसभा चुनाव दल बदल कानून के दायरे में नहीं आता। विधायक को अपना वोट पार्टी के पोलिंग एजेंट को दिखाना तो है, लेकिन क्रास वोटिंग करने पर भी उसका मत रद्द नहीं हो सकता। यह अलग बात है कि किसी विधायक द्वारा क्रास वोटिंग किए जाने पर पार्टी इसकी शिकायत स्पीकर से कर सकता है। विधायिकी समाप्त करने की अनुशंसा कर सकता है। अगर स्पीकर कोई एक्शन भी लेते हैं तो संबंधित विधायक द्वारा स्पीकर के फैसले के विरुद्ध हाईकोर्ट जाने पर उसे तत्काल राहत भी मिल सकती है।


इसलिए सारा दारोमदार क्रास वोटिंग पर ही निर्भर है। इंडिया गठबंधन के कुछ विधायकों ने एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी के पक्ष में क्रास वोटिंग की तो उनकी जीत सुनिश्चित होगी। लेकिन भाजपा द्वारा होटल पॉलिटिक्स शुरू किए जाने से कहीं न कहीं एनडीए भी भयभीत है कि उनके ही विधायक न टूट जाएं। क्रास वोटिंग कर बैठे। होटल पॉलिटिक्स से एक मेसेज यह जरूर निकल कर आ रहा है कि कांग्रेस या महागठबंधन खेमे से एनडीए विधायकों को भी प्रलोभन दिया जाने लगा था। उन्हें भी तरह तरह के ऑफर किए जाने लगे थे। इसकी भनक मिलने पर ही एनडीए ने होटल में विधायकों को कैद रख कर संपर्क को काटने की कोशिश की है।


 

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