रांची
डिलीवरी ऐप कंपनी Blinkit के खिलाफ मंगलवार को कर्मचारियों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। राजधानी के विभिन्न इलाकों में कर्मचारियों ने कंपनी के सभी गोदामों और कार्यालयों को बंद करा दिया, जिसके चलते Blinkit की सेवाएं पूरी तरह से बाधित हो गईं। इस विरोध की जड़ में कंपनी के डिलीवरी कर्मचारी नीरज कुमार की एक सड़क हादसे में हुई मौत है। प्रदर्शन कर रहे लगभग 400 कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि नीरज की असमय मृत्यु के बाद न तो कंपनी की ओर से कोई मदद की गई, और न ही संवेदना व्यक्त की गई।
"नीरज आर्थिक रूप से बेहद कमजोर परिवार से थे," प्रदर्शनकारियों ने कहा। उनका मानना है कि इस हादसे ने नीरज के पूरे परिवार को संकट में डाल दिया है, और कंपनी का उदासीन रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उचित मुआवज़े की मांग पर अड़े कर्मचारी
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि नीरज के परिजनों को न्याय और उचित मुआवज़ा नहीं दिया गया, तो वे सभी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इसके साथ ही, कर्मचारियों ने बरियातू थाना में मामला दर्ज कराने की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न करने से उनका गुस्सा और भड़क गया।
कर्मचारियों का कहना है, "आज नीरज गया है, कल कोई और हो सकता है। हम इंसाफ चाहते हैं।" वे कंपनी से यह सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर गंभीरता से कार्रवाई हो और किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय न हो।
