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कृषि मंत्री ने सूखाड़ से निपटने के लिए हर किसान तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का दिया निर्देश

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द फॉलोअप, रांची
कम वर्षा को देखते हुए झारखंड में सूखाड़ की संभावना बढ़ती जा रही है। इसको लेकर कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने विभागीय अधिकारियों समय रहते आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है। उन्होंने  एल नीनो के प्रभाव को देखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से अंतिम किसान तक पहुंचाने को प्राथमिकता दे। मंत्री ने बताया कि राज्य में सामान्य से करीब 54 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई है। पलामू सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जबकि उत्तरी छोटानागपुर के कुछ जिलों में भी वर्षा की कमी है। वर्तमान में केवल 20 से 30 प्रतिशत क्षेत्र में ही बिचड़ा तैयार हो सका है। हालांकि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले दस दिनों में अच्छी बारिश की संभावना है। यदि बारिश होती है तो 15 जुलाई तक बुआई का रकबा 60 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने सभी जिलों में तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाकर मिलेट मिशन के तहत किसानों का पंजीकरण कराने, पंचायत स्तर पर शिविर लगाने तथा कम पानी वाली फसलों जैसे मड़ुआ, दलहन और तिलहन को बढ़ावा देने का निर्देश दिया। पशुओं में संभावित बीमारियों की रोकथाम के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक टीकाकरण अभियान चलाने और पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उर्वरकों की कालाबाजारी पर सख्ती जारी रखने के निर्देश देते हुए मंत्री ने बताया कि गठित टास्क फोर्स अब तक 436 छापेमारी कर चुकी है। इस दौरान 11 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और एक मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में भूमि संरक्षण प्रभाग की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की सभी योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समय-सीमा में हो। इसके लिए जल्द ही स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी किया जाएगा। वर्ष के अंतिम महीनों में योजनाएं शुरू करने और खर्च दिखाने की प्रवृत्ति समाप्त करने, लंबित बिलों का शीघ्र निष्पादन करने तथा बिरसा पक्का चेक डैम योजना के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम-से-कम एक स्थल का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट माह के अंत तक भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि वर्ष 2026-27 में केवल विधायकों की नई अनुशंसाओं के आधार पर ही योजनाओं का चयन किया जाएगा।

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