जामताड़ा
जामताड़ा में असामाजिक तत्वों द्वारा धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की एक और कोशिश सामने आई है. शहर के गांधी मैदान स्थित शिव मंदिर में शनिवार देर रात उपद्रवियों ने मंदिर परिसर में घुसकर माता पार्वती की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया. घटना की जानकारी रविवार सुबह उस समय हुई जब स्थानीय महिला श्रद्धालु डेजी देवी रोज की तरह पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंची. मंदिर का दृश्य देखकर वह स्तब्ध रह गईं. उन्होंने देखा कि माता पार्वती की प्रतिमा खंडित अवस्था में मंदिर परिसर के बाहर फेंकी गई है. घटना की सूचना मिलते ही मंदिर कमेटी के सदस्य और आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे. देखते ही देखते मंदिर परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों में आक्रोश फैल गया. स्थानीय श्रद्धालुओं ने इस घटना को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली हरकत बताते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की.
पुलिस ने कहा- जल्द आरोपियों की होगी गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जामताड़ा पुलिस तुरंत सक्रिय हुई. सूचना मिलने पर जामताड़ा थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश गुप्ता सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे. पुलिस ने लोगों को शांत कर स्थिति को नियंत्रण में लिया और घटना की जांच शुरू कर दी. थाना प्रभारी ने बताया कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है तथा और सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी.
गिरफ्तारी नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन
इस घटना के बाद शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले कोर्ट मोड़ स्थित भगवान बिरसा मुंडा प्रतिमा स्थल पर भी प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया गया था, लेकिन उस मामले में अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. लोगों का आरोप है कि यदि पिछली घटना में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की होती, तो असामाजिक तत्वों के हौसले इतने नहीं बढ़ते. नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश गुप्ता और मंदिर कमेटी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो शहर में चक्का जाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा. फिलहाल पुलिस की मौजूदगी के कारण स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन शहर में तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है.
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