द फॉलोअप
NEET पेपर लीक मामले में IMS BHU के 2 स्टूडेंट और रडार पर हैं। बताया जा रहा है कि ये दोनों छात्र भी उसी कोचिंग सेंटर से जुड़े हुए हैं, जहां कथित तौर पर बिवाल परिवार के बच्चों ने भी तैयारी की थी। 2025-26 के सत्र में दोनों छात्रों ने BHU में दाखिला लिया था।

तीन छात्र-छात्राओं के नाम सामने आए हैं
दोनों छात्रों में शामिल एक छात्र है जो MBBS का कोर्स कर रहा है वहीं दूसरी छात्रा है जो आयुर्वेद संकाय में BAMS कर रही है। इस मामले में केंद्र सरकार ने IMS BHU सहित कई मेडिकल कॉलेजों से संदिग्ध छात्रों की जानकारी मांगी है। दरअसल CBI ने जयपुर के बिवाल परिवार के दो भाइयों, दिनेश और मांगीलाल, तथा भतीजे विकास को नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार कर लिया है। इनके परिवार के पांच बच्चों का दाखिला पिछले साल अलग-अलग सरकारी मेडिकल कॉलेज में हुआ है। इसमें एक आरोपी दिनेश की बेटी का दाखिला आईएमएस बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में हुआ था। अभी ये छात्रा यहां पर पढ़ाई कर रही है। गिरफ्तार छात्रों के अनुसार कोचिंग की तरफ से ये दावा किया गया था कि यदि छात्र का चयन नहीं हुआ तो फीस वापस कर दी जाएगी। इसी कोचिंग में ये दोनों छात्र भी दाखिला लिए थे। यानी इस पूरे प्रकरण में अब तक तीन छात्र-छात्राओं के नाम सामने आए हैं। अब नाम सामने आने के बाद चयन प्रक्रिया और प्रवेश की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। इधर, CBI की संभावित कार्रवाई को देखते हुए IMS BHU प्रशासन भी सतर्क हो गया है।

तीन वर्षों का रिकॉर्ड चेक होगा
बताया जा रहा है कि संस्थान ने संदिग्ध छात्रों की प्रवेश संबंधी फाइलें और दस्तावेजों को अलग से निकाल लिए हैं, ताकि जांच एजेंसियों के मांगने पर उन्हें तुरंत उपलब्ध कराया जा सके। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। कहा जा रहा है कि पिछले तीन साल का सीकर स्थित कोचिंग संस्थान से पढ़कर IMS BHU सहित चिकित्सा कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले छात्रों का डेटा भी खंगाला जाएगा। सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय एजेंसियां अब केवल कथित पेपर लीक तक सीमित न रहकर उन शैक्षणिक नेटवर्कों की भी जांच कर रही हैं। एजेंसियां शैक्षणिक रिकॉर्ड, नीट स्कोर और पूर्व परीक्षा परिणामों के बीच तुलना कर सकती हैं।