logo

सिमडेगा में वज्रपात से 20 मवेशियों की मौत, पशुपालकों पर टूटा दुखों का पहाड़

simdega_maveshi_maut.jpg

सिमडेगा
सिमडेगा जिले के जलडेगा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिलिंगा सोनमेंजरा गांव में शनिवार रात तेज बारिश और गरज-चमक के बीच वज्रपात की चपेट में आने से 20 गाय और बैलों की मौत हो गई. इस घटना के बाद पशुपालकों को भारी आर्थिक क्षति हुई है. ग्रामीणों के अनुसार शनिवार रात गांव के कई पशुपालकों की गाय और बैल गांव के पास स्थित एक पुटकल पेड़ के नीचे खड़े थे. इसी दौरान रात में अचानक तेज गर्जना के साथ उसी पेड़ के पास आकाशीय बिजली गिर गई. वज्रपात इतना तेज था कि उसकी चपेट में आए सभी मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई. रात का समय होने के कारण किसी को तुरंत घटना की जानकारी नहीं मिल सकी.
मवेशियों को देख रो-रोकर बेहाल हुए पशुपालक
रविवार सुबह जब ग्रामीण पशुओं को देखने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि पेड़ के नीचे बड़ी संख्या में गाय और बैल मृत अवस्था में पड़े हुए हैं. यह दृश्य देखकर गांव में अफरा-तफरी मच गई और शोक का माहौल बन गया. घटना की जानकारी फैलते ही आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए. कई पशुपालक अपने मवेशियों को खोकर रो-रोकर बेहाल हो गए, क्योंकि उनके जीविकोपार्जन का मुख्य साधन पशुपालन ही था.
जल्द से जल्द मुआवजा देने की उठी मांग
इस हादसे में संजय जोंको की 2, फुलो रूनी की 3, सिसी देवी की 2, फुलजेंस सोरंग की 5, फिलोनुस डुंगडुंग की 2, नवान कुंडुंग की 2, निर्मला केरकेट्टा की 1, संतोषी सोरंग की 1, बासील डुंगडुंग की 1 तथा सुधीर डुंगडुंग की 1 गाय और बैल की मौत हुई है. इस तरह कुल 20 मवेशी वज्रपात की चपेट में आकर मारे गए. ग्रामीणों ने प्रशासन से घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रभावित पशुपालकों को उचित मुआवजा देने की मांग की है. उनका कहना है कि गरीब परिवारों के लिए मवेशी ही आय का प्रमुख साधन होते हैं, और एक साथ इतने पशुओं की मौत से कई परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है. टीनगिना मुखिया कल्याण गुड़िया ने भी इस घटना को अत्यंत दुखद बताया है. उन्होंने कहा कि एक साथ इतनी बड़ी संख्या में मवेशियों की मौत से कई परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है. उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द सर्वे कर प्रभावित पशुपालकों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि पीड़ित परिवारों को राहत मिल सके.

 

Tags - Jaldega police station area Silinga Sonmenjara village severe weather incident compensation demand tree lightning strike