गिरिडीह
डुमरी थाना क्षेत्र में शनिवार को ग्रामीणों ने एक युवक को इनोवा कार से ले जा रहे लोगों को अपहरणकर्ता समझ लिया। ग्रामीणों द्वारा पीछा किए जाने और पुलिस को सूचना देने के बाद, तोपचांची के पास पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन को रोका। हालांकि, जांच के बाद यह मामला किडनैपिंग का नहीं, बल्कि तेलंगाना नारकोटिक्स विंग की एक बड़ी कार्रवाई का निकला। टीम ने डुमरी के एक युवक को स्पीड पोस्ट के जरिए कई राज्यों में गांजा तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
घटना की पूरी जानकारी
जानकारी के अनुसार, तेलंगाना नारकोटिक्स विंग की टीम ने 27 जून को डुमरी थाना क्षेत्र के बेरमो मोड़ से तांबागुडियो निवासी सत्यम मिश्रा को गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया। उस पर भारतीय डाक की स्पीड पोस्ट के माध्यम से डुमरी और आसपास के इलाकों से तेलंगाना, हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली सहित कई राज्यों में गांजा भेजने का आरोप है। बताया गया कि नारकोटिक्स टीम ने पहले इस गिरोह से जुड़े एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया था। उसी की निशानदेही पर सत्यम मिश्रा तक पहुंचा गया। टीम जब उसे इनोवा वाहन से निमियाघाट की ओर लेकर जा रही थी, तभी स्थानीय लोगों को अपहरण की आशंका हुई। ग्रामीणों ने बाइक से वाहन का पीछा शुरू कर दिया और डुमरी थाना पुलिस को सूचना दे दी।
तेलंगाना पुलिस के अधिकारी निकले कार सवार
सूचना मिलने पर निमियाघाट पुलिस ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक वाहन लेकर आगे बढ़ गया। इसके बाद तोपचांची के समीप पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन को रोका और हथियार के बल पर स्थिति को नियंत्रित किया। जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि वाहन में सवार लोग तेलंगाना नारकोटिक्स विंग की टीम के अधिकारी थे, जो आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत लेकर जा रहे थे। इसके बाद आवश्यक औपचारिकताओं के बाद युवक और टीम को निमियाघाट पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। डुमरी के एसडीपीओ आबिद खान ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि तेलंगाना नारकोटिक्स विंग की टीम ने सत्यम मिश्रा को गांजा तस्करी के आरोप में हिरासत में लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई संबंधित एजेंसी द्वारा की जा रही है।