हजारीबाग
टाटीझरिया प्रखंड के अमनारी गांव में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब बारिश के कारण ढहे एक पुराने मिट्टी के मकान से वर्षों से छिपाकर रखे गए प्राचीन चांदी के सिक्के बाहर आ गए। दीवार में चुनकर रखे मिट्टी के कलश के टूटते ही दो किलो से अधिक वजनी चांदी के सिक्के मलबे में बिखर गए। सिक्कों की चमक देखते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई और देखते ही देखते यह खबर पूरे इलाके में फैल गई।
बारिश से ढहा मकान, परिवार सुरक्षित
शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे मिली जानकारी के अनुसार, अमनारी निवासी बैजू महतो का पुराना मिट्टी का मकान लगातार हो रही बारिश के कारण कमजोर होकर अचानक ढह गया। राहत की बात यह रही कि बैजू महतो का परिवार पास में बने पक्के मकान में रह रहा था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। मकान गिरते ही दीवार के आले में रखा मिट्टी का एक कलश भी टूट गया। कलश के भीतर रखे लगभग दो किलो से अधिक प्राचीन चांदी के सिक्के जमीन पर बिखर गए। यह दृश्य देखकर परिजन भी हैरान रह गए।
पूर्वजों की धरोहर होने की चर्चा
घटना की खबर फैलते ही पूरे टाटीझरिया क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। ग्रामीणों का मानना है कि यह संपत्ति बैजू महतो के पूर्वजों द्वारा सुरक्षित रखी गई पारिवारिक धरोहर हो सकती है। लोगों का कहना है कि पुराने समय में कीमती धातु और धन-संपत्ति को मिट्टी के कलश में भरकर घरों की दीवारों या जमीन के भीतर छिपाकर रखने की परंपरा थी।
दूसरे पुराने मकान को लेकर भी बढ़ी उत्सुकता
गांव में अब यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि बैजू महतो के दिवंगत भाई स्वर्गीय बढ़न महतो के पुराने मिट्टी के मकान की दीवारों में भी इसी तरह चांदी के सिक्के या अन्य पुरानी धरोहर छिपी हो सकती है। हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल यह घटना पूरे क्षेत्र में कौतूहल का विषय बनी हुई है और लोग इस अनोखे घटनाक्रम को देखने तथा पूर्वजों की इस कथित धरोहर के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं।