जमशेदपुर:
जमशेदपुर के चर्चित युवा होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, पुलिस को साजिश की कड़ियों तक पहुंचने के संकेत मिल रहे हैं। मामले में मानगो-उलीडीह क्षेत्र के अपराधी अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह के उत्तर प्रदेश के कानपुर से पकड़े जाने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि, सिंटू सिंह की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की ओर से अधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है। पुलिस अधिकारी इस मामले में फिलहाल कुछ भी स्पष्ट बताने से बच रहे हैं।

होटल टेंथ माइल स्टोन के पास दिखी गतिविधि
सूत्र बताते है कि निखार सबलोक की हत्या के दौरान अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह की गतिविधि होटल टेंथ माइल स्टोन के आसपास थी। इसके बाद से ही पुलिस मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसकी तलाश में जुटी थी। पुलिस टीम मोबाइल लोकेशन के जरिये सिंटू सिंह की गतिविधियों को ट्रेस कर रही थी। इसी क्रम में बीते शनिवार की देर रात कानपुर में सिंटू सिंह को गिरफ्तार किये जाने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम सिंटू सिंह को कानपुर से रविवार को जमशेदपुर लेकर पहुंची है और पुलिस के वरीय पदाधिकारी उससे गहन पूछताछ कर रहे है।
यदि पुलिस की पूछताछ में उसकी भूमिका की पुष्टि होती है, तो निखार की हत्या के पीछे की साजिश, शूटरों की पहचान, हथियार की व्यवस्था और वारदात के बाद आरोपियों के ठिकाने तक पहुंचने में जांच को बड़ी सफलता मिल सकती है।
वारदात के लिए खरीदी गई थी कार!
सूत्रों के अनुसार, निखार सबलोक की हत्या से पहले करीब एक सप्ताह तक उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान रेकी के लिए मानगो डिमना रोड निवासी विश्वनाथ से लाल रंग की कार खरीदे जाने की बात सामने आयी है। उक्त कार से ही हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद भागे थे। जिसके रांची के मेसरा ओपी क्षेत्र में लावारिस हालत में मिलने की जानकारी है। पुलिस अब कार की खरीद से लेकर उसके इस्तेमाल और वारदात के बाद उसे छोड़ने तक की पूरी कड़ी खंगाल रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि रेकी में कौन-कौन लोग शामिल थे और हमलावरों को निखार की गतिविधियों की सटीक जानकारी कैसे मिल रही थी।

पूर्वी सिंहभूम में जमीन कारोबार से जुड़ा नाम
सूत्रों के अनुसार, अपराधी सिंटू सिंह का नाम पूर्वी सिंहभूम के चांडिल, एमजीएम और कपाली इलाके में जमीन के कारोबार से जुड़ता रहा है। उस पर पूर्व से फायरिंग, रंगदारी और आर्म्स एक्ट समेत कई मामले दर्ज होने की बात सामने आयी है। पुलिस द्वारा उसे तड़ीपार किये जाने के बाद भी उसके कपाली इलाके से गतिविधियां संचालित करने की जानकारी है। जांच में उसके पुराने आपराधिक संपर्कों और हाल के दिनों में बने नेटवर्क को भी पुलिस खंगाल रही है। सूत्रों के अनुसार, जेल से बाहर आने के बाद उसके अखिलेश सिंह गिरोह से संपर्क में आने की भी बात सामने आयी है। हालांकि, निखार हत्याकांड में इन संपर्कों की भूमिका की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
होटल से बाहर निकलते ही हुई थी अंधाधुंध फायरिंग
निखार सबलोक की 24 अगस्त की दोपहर करीब तीन बजे चांडिल थाना क्षेत्र स्थित होटल टेंथ माइल स्टोन के बाहर दो शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह होटल के पास स्थित जमीन पर काम शुरू करने के सिलसिले में स्थानीय लोगों से बातचीत करने पहुंचे थे। बताया गया कि हमलावर पहले से ही होटल परिसर के आसपास मौजूद थे। बातचीत खत्म कर निखार जैसे ही बाहर निकले, उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गयी। निखार को करीब 11 गोलियां लगी और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गयी।
अब तीन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
हत्याकांड की जांच में पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि निखार की हत्या की सुपारी किसने दी, शूटर कौन थे और हत्या की असली वजह क्या थी। इसके साथ ही रेकी करने वाले लोगों, लाल कार और वारदात के बाद आरोपियों को सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है। अब जांच की अगली कड़ी इस बात पर टिकी है कि पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों से निखार हत्याकांड की पूरी साजिश कितनी जल्दी सामने आती है।