द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा को कैसे रौंद दिया जाता है, इसका जीता-जागता उदाहरण कोडरमा जिला क्रिकेट एसोसिएशन(KDCA) की कार्य प्रणाली है। जिले में क्रिकेट के अंतर जिला अंडर-16 वर्ग में खिलाड़ियों के चयन को लेकर हुई भारी अनियमितता और भेदभाव पर उपायुक्त द्वारा करायी गयी जांच रिपोर्ट पर पिछले डेढ़ साल से कोई कार्रवाई नहीं हुई। डीसी ने जांच कराने के बाद आरोपों को सही पाया और खेल निदेशक और जेएससीए के अध्यक्ष तथा सचिव को पत्र लिख कर आवश्यक कार्रवाई निर्देश दिया। लेकिन 6 मई को डीसी द्वारा की गयी अनुशंसा पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी। इसको लेकर जिले के युवा खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों को बीच भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि अब वे न्याय की मांग को लेकर कहां जाएं, यह समझ से परे है।
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जानें कैसे की गयी प्रतिभावान खिलाड़ियों के साथ धोखा
JSCA के निर्देश पर कोडरमा जिला क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा 2024-25 में अंडर 16 क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जाना था। KDCA इस टूर्नामेंट में शामिल किए जाने वाले खिलाड़ियों के चयन के लिए दिसंबर 2024 में युवा खिलाड़ियों से दस्तावेजों की मांग की। उसमें 2021-22, 2022-23 और 2023-24 का मार्कशीट, जन्म तिथि से संबंधित सर्टिफिकेट और अन्य दस्तावेज शामिल थे। खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों ने KDCA के पास अपना-अपना दस्तावेज जमा किया। मार्च 2025 में जब जिला कैंप के लिए खिलाड़ियों को बुलाया गया तो कई खिलाड़ियों के दावे को बगैर कारण बताए निरस्त कर दिया गया। अभिभावकों द्वारा पृच्छा किए जाने पर KDCA के सचिव ने उनसे कहा कि वे इस बारे में जेएससीए से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। जब इस संबंध में उपायुक्त कोडरमा के यहां शिकायत हुई तो उन्होंने एसडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर दिया। जांच कमेटी ने आरोपों पर KDCA के साथ सुनवाई की। उस दौरान KDCA ने अपने जवाब में कहा कि उन्हें जेएससीए से मार्च के अंतिम सप्ताह में सूची उपलब्ध करायी। जेएससीए ने जिसे सही पाया, उनका चयन टूर्नामेंट के लिए किया गया। KDCA ने अपने तर्क में कहा कि एसोसिएशन को जानबूझ कर बदनाम किया जा रहा है। साथ ही कई अन्य तर्क भी रखे। लेकिन डीसी के निर्देश पर एसडीओ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय कमेटी ने जो रिपोर्ट दी वह KDCA में भ्रष्टाचार और भेदभाव के सारे आरोपों की पुष्टि कर दी। इसके बाद डीसी ने जेएससीए के अध्यक्ष और सचिव के अलावा निदेशक खेल को पत्र लिख कर आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा कर दी।

अब जानें कैसे किया गया खेल और जांच रिपोर्ट में क्या कहा गाय
दिसंबर 2024 में KDCA ने खिलाड़ियों के चयन के लिए उनसे दस्तावेजों की मांग की थी। दस्तावेज जमा होने के बाद KDCA कुछ युवा खिलाड़ियों के दस्तावेजों को स्वीकृति और जांच के लिए जेएससीए को भेजा ही नहीं। उनके दस्तावेज अपने पास ही रख लिए। चेक लिस्ट से भी स्पष्ट होता है कि क्रमांक 1-27 तक के खिलाड़ियों के नाम के साथ उनकी जन्म तिथि अंकित की गयी है। क्रमांक 28 से 44 तक के खिलाड़ियों के नाम के साथ उनकी जन्म तिथि अंकित नहीं है। यह आरोप भी प्रमाणित हुआ कि मनचाहे खिलाड़ियों के चयन के लिए चेक लिस्ट में KDCA द्वारा फेरबदल भी किया गया।
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एसडीओ की अध्यक्षता वाली जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में क्या लिखा
जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में खिलाड़ियों के चयन में कई गंभीर अनियमितताओं को रेखांकित किया। रिपोर्ट में कहा गया कि खिलाड़ियों के चयन के लिए कोई विज्ञापन नहीं दिया गया। यह नियमों का घोर उल्लंघन है। इंटर डिस्ट्रिक्ट अंडर-16 क्रिकेट टूर्नामेंट 2024-25 में कोडरमा से खिलाड़ियों के चयन और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया में कई तरह की अनियमितता और खामियां पायी गयी। जांच रिपोर्ट के मुताबिक सचिव, KDCA कोडरमा द्वारा 4 जनवरी 2025 को सचिव, JSCA रांची को भेजे गए पत्र में कुल 42 खिलाड़ियों से संबंधित कागजात प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए भेजे गए थे। इन दस्तावेजों की जांच के लिए गठित टीम के समक्ष चेकलिस्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। यह गंभीर खामी थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे खिलाड़ियों के सत्यापन से संबंधित भेजे गए दस्तावेजों में विभिन्न प्रकार की अनियमितता हुई। साथ ही खिलाड़ियों को किसी प्रकार की रिसिविंग दिए जाने का भी उल्लेख नहीं मिला। जांच में यह भी सामने आया कि Inter District U-16 Cricket Tournament 2024-25 में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को आवेदन पत्र में जमा किए जाने वाले आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित सूची की सूचना पत्र के माध्यम से सचिव, KDCA कोडरमा द्वारा नहीं दी गई थी। खिलाड़ियों के चयन में कोई पारदर्शिता नहीं बरती गयी। जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि सचिव, KDCA कोडरमा से प्राप्त JSCA U-16 Boys Document Checklist में कुल 44 खिलाड़ियों के नाम अंकित थे। चेकलिस्ट के अवलोकन से पता चला कि क्रमांक 01 से 27 तक के खिलाड़ियों की जन्म तिथि एवं अभिभावक का नाम चयन संबंधी सूचना में अंकित था। वहीं क्रमांक 28 से 44 तक के खिलाड़ियों में उक्त मापदंड का अनुपालन नहीं किया गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जन्म तिथि अंकित नहीं होने और अभिभावक के नाम से संबंधित स्पष्टता नहीं होने के कारण संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन में समस्या उत्पन्न हुई। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ खिलाड़ियों के दस्तावेज JSCA, रांची को नहीं भेजे गए थे। जांच दल के समक्ष सचिव, KDCA कोडरमा ने चेकलिस्ट में गड़बड़ी संबंधी आरोपों का स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इसलिए तमाम बिंदुओं के आधार पर खिलाड़ियों के चयन एवं दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया में लापरवाही और अनियमितता बरती गयी।
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