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सुवेंदु अधिकारी ने किया कुड़मी-महतो को एसटी में शामिल करने के मुद्दे का समर्थन

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द फॉलोअप, रांची
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मानसून सत्र के दौरान 2 जुलाई को विधानसभा के मानसून सत्र में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार कुड़मी-महतो को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार के सामने मजबूती से पक्ष रखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। मालूम हो कि पुरुलिया, जंगलमहल क्षेत्र में रहनेवाले कुड़मी-महतो वर्षों से अपने को एसटी सूची में शामिल करने को लेकर आंदोलरत रहे हैं। भाजपा सांसद ज्योतिर्मय महतो भी लोकसभा में इस मुद्दे को उठा चुके हैं। इधर भाजपा सांसद प्रफुल्ल महतो ने भी अपने क्षेत्र में कुड़मी को एसटी दर्जा दिए जाने की जोरदार वकालत की है। इसके बाद पश्चिम बंगाल में कुड़मी को एसटी का दर्जा दिए जाने का मुद्दा एक बार फिर जोर पकड़ने की संभावना है।


इसका असर पड़ोसी झारखंड पर भी पड़ने से इंकार नहीं किया जा रहा है। मालूम हो कि झारखंड में कुड़मी-महतो समुदाय लंबे समय से अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। समुदाय का कहना है कि उनकी सामाजिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक जीवनशैली आदिवासी समाज से मेल खाती है, इसलिए उन्हें ST सूची में शामिल किया जाना चाहिए। इस मांग को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने समय-समय पर रैलियां, धरना-प्रदर्शन, महापंचायत और रेल रोको जैसे आंदोलन किए हैं। राजनीतिक गलियारे में यह भी चर्चा होने लगी है कि भाजपा कहीं कुड़मी को एसटी का दर्जा देकर नया राजनीतिक खेल कर सकती है। क्योंकि आदिवासियों का जिस तरह से भाजपा के प्रति मोह भंग हुआ है, उससे अपना वोट बैंक बढ़ाने को लेकर भाजपा तरह तरह का प्रयोग करने में लगी है।


 

Tags - Kudmi ST status Suvendu Adhikari Jharkhand movement