रांची
झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले में फंसे निलंबित जीएम फाइनेंस सुधीर कुमार दास को झटका लगा है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने दास की ओर से पेश की गई दलीलों को खारिज करते हुए उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया।
दास के अधिवक्ताओं ने कोर्ट में दलील दी कि उनका मुवक्किल निर्दोष है और उन्हें झूठा फंसाया गया है। वहीं ACB ने अदालत को बताया कि उत्पाद विभाग के अधिकारियों और एक प्लेसमेंट एजेंसी के बीच मिलीभगत कर राज्य में शराब वितरण प्रणाली में बड़ा घोटाला किया गया है, जिससे राज्य सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। जांच एजेंसी के अनुसार, सुधीर कुमार दास इस षड्यंत्र का हिस्सा रहे हैं और उनकी संलिप्तता के पुख्ता सबूत हैं।

ACB ने दास को 21 मई को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की गई थी। जांच में कई अहम जानकारियां सामने आईं, जिससे मामले की परतें खुलती गईं। अब तक इस घोटाले में निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे समेत कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें निलंबित संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, लेकिन सुधीर कुमार दास को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। ACB की जांच अब भी जारी है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। राज्य सरकार और न्यायपालिका की नजर इस घोटाले पर टिकी हुई है, जिसे लेकर पूरे प्रशासनिक तंत्र में हलचल मची हुई है।
