द फॉलोअप डेस्क
छात्र आंदोलन के बीच मंत्री सुदिव्य सोनू ने छात्रों के डेलिगेशन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से छात्रों के साथ ही वार्ता की जाएगी। मंत्री ने अपील करते हुए कहा कि छात्रों के डेलिगेशन में राजनीति करने वाले लोगों को शामिल नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर कोचिंग माफिया और बीजेपी के नेता छात्रों के आंदोलन को हाईजैक करने की कोशिश करेंगे और डेलिगेशन में शामिल होंगे, तो यह उचित नहीं होगा।

बाबूलाल मरांडी पर साधा निशाना
सुदिव्य सोनू ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पर्दे के पीछे से खेलना बंद करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर महाधिवक्ता अजीत कुमार की जगह किसी को भेजना ही था, तो बाबूलाल मरांडी अपना नाम भेज देते। मंत्री ने छात्रों से अपील की कि वे अपने डेलिगेशन को राजनीतिक प्रभाव से दूर रखें और अपनी मांगों को सीधे सरकार के सामने रखें।

जंतर-मंतर आंदोलन का दिया उदाहरण
मंत्री सुदिव्य सोनू ने जंतर-मंतर पर हुए आंदोलनों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सौरभ दास और अभिजीत जैसे छात्र नजर आते थे, न कि कपिल सिब्बल। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन छात्रों के मुद्दों और उनकी मांगों पर केंद्रित रहना चाहिए। सरकार और छात्रों के बीच प्रस्तावित वार्ता को लेकर अब डेलिगेशन में शामिल होने वाले सदस्यों पर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।