logo

रामगढ़ में फर्नेस्ट ब्लास्ट के घायल पीड़ित से मिले सुदेश महतो, सरकार से उच्चस्तरीय जांच की मांग

sudesh44.jpg

द फॉलोअप डेस्क, रांची:

आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो ने सोमवार को रांची के देवमकल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने रामगढ़ जिला के बड़काकाना क्षेत्र अंतर्गत हेहल स्थित मां छिन्नमस्तिके सीमेंट एंड स्पंज आयरन कंपनी में हुए भीषण हादसे में घायल मजदूरों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। सुदेश महतो ने घायल मजदूरों के परिजनों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से भी अनुरोध किया है कि घायल मजदूरों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। सुदेश महतो ने कहा कि 3 मजदूरों की मौत और 1 मजदूर के जख्मी होने की घटना को केवल दुर्घटना बताकर फाइल बंद नहीं की जा सकती। 

प्रबंधन की भूमिका की आपराधिक जांच की मांग
सुदेश महतो ने कहा कि कंपनी में हुए इस हादसे में यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। सुदेश महतो ने कहा कि प्रारंभिक तौर पर अत्यधिक गर्मी, शीतलन और वातानुकूलन व्यवस्था तथा मशीनरी के रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि तकनीकी जांच में यह प्रमाणित हो जाता है कि पर्याप्त शीतलन की व्यवस्था नहीं होने और मशीनरी के रखरखाव में लापरवाही की वजह से अत्यधिक गर्मी पैदा हुई और इसकी वजह से विस्फोट हुआ तो कंपनी के मालिक और जिम्मेदार प्रबंधन की भूमिका की आपराधिक जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (1) सहित लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। सुदेश महतो ने कहा कि कंपनी, ठेकेदार, एजेंसी या किसी तीसरे पक्ष के पीछे छिपकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। जिस कारखाना परिसर में श्रमिक काम करते हैं, वहां सुरक्षित कार्यस्थल उपलब्ध कराना और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन होना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। 

कंपनी में श्रम कानूनों के अनुपालन की जांच हो
सुदेश महतो ने राज्य सरकार से पूरे मामले की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि कारखाने की मशीनरी, टर्बाइन, शीतलन प्रणाली, सुरक्षा उपकरण, अग्निशमन व्यवस्था, रखरखाव अभिलेख और पूर्व निरीक्षण रिपोर्ट की विस्तृत जांच होनी चाहिए। उन्होंने श्रम विभाग से कारखाने में मजदूरों की नियुक्ति, वेतन भुगतान, उपस्थिति, सुरक्षा प्रशिक्षण और श्रम कानूनों के अनुपालन की जांच की मांग की। 

मजदूरों के परिजनों को सांत्वना नहीं न्याय चाहिए
सुदेश महतो ने कहा कि मृत मजदूरों के परिजनों को केवल सांत्वना नहीं, बल्कि न्याय चाहिए। कंपनी को तत्काल उचित मुआवजा, सभी वैधानिक लाभ और आश्रित परिवारों के लिए रोजगार की व्यवस्था करनी चाहिए। घायल मजदूर के इलाज की पूरी जिम्मेदारी कंपनी उठाए और उसके परिवार को भी जरूरी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। सुदेश महतो ने कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों से उद्योगों को लाभ  मिलता है, लेकिन उन उद्योगों की मशीनों के बीच काम करने वाले मजदूरों की जिंदगी सबसे पहले सुरक्षित होनी चाहिए। मजदूरों की सुरक्षा कोई कृपा नहीं, बल्कि उनका अधिकार है।

उन्होंने कहा कि 'हम उद्योग और रोजगार के खिलाफ नहीं हैं। हम उस विकास के खिलाफ हैं, जिसमें उत्पादन और मुनाफा तो बढ़े, लेकिन मजदूरों की सुरक्षा घट जाए। तीन परिवारों के चिराग बुझ गए हैं। अब सरकार और कंपनी प्रबंधन को जवाब देना होगा कि आखिर यह हादसा क्यों हुआ और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

Tags - Jharkhand NewsSudesh MahtoBarkakanaRamgarh