द फॉलोअप डेस्क, रांची:
JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलनरत छात्रों ने कहा कि हम किसी भी मुद्दे पर समझौता नहीं करेंगे। सरकार और छात्रों के डेलिगेशन के बीच कोई गुप्त वार्ता नहीं होगा, बल्कि खुले मंच पर बातचीत होगी। छात्र नेता कुणाल प्रताप सिंह ने सरकार के साथ नए दौर की बातचीत पर कहा कि SDO, हमारे पास सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव लेकर आए थे। बातचीत से ही समाधान निकलेगा। बातचीत होनी चाहिए और इसलिए हम वहां (सरकार) तक जा रहे हैं। कुणाल प्रताप सिंह ने कहा कि हम अपनी बात मजबूती से रखेंगे और किसी मुद्दे पर समझौता नहीं करेंगे। यह खुली बातचीत होगी।
#WATCH | Ranchi: On fresh round of talks with Jharkhand Govt today, student leader Kunal Pratap Singh says, "...SDO came to us with the proposal of the Govt for holding talks. A solution will come out only through talks. Indeed, talks should be held. So, we are going there now.… pic.twitter.com/23g0e6bzpy
— ANI (@ANI) August 17, 2026
मांगें नहीं मानी तो 20 अगस्त को सीएम हाउस का घेराव
उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्रों को ऐसा नहीं लगना चाहिए कि हम मजबूरी में सरकार से बातचीत कर रहे हैं। चूंकि, सरकार ने हमें प्रस्ताव भेजा है, इसलिए हमें उनसे बात करने का हक है। हम मजबूरी में नहीं, बल्कि मजबूती से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि हमारी मांगें पूरी नहीं हुई तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक होगा।

भर्ती परीक्षाओं में व्यापक सुधार की मांग पर आंदोलन
गौरतलब है कि JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में व्यापक सुधार की मांग को लेकर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का आंदोलन पिछले करीब 25 दिनों से जारी है। अभ्यर्थियों की मांग है कि JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करके मामले की निष्पक्ष और गहन जांच हो और दोषियों को कठोर सजा दी जाए। वहीं, सरकार का कहना है कि मामला कोर्ट में लंबित रहने के कारण उसके हाथ बंधे हैं।