देवघर
राजकीय श्रावणी मेला के पावन अवसर पर बाबा नगरी देवघर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं, विशेषकर महिला कांवरियों के लिए सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा संचालित 'मातृत्व विश्राम गृह' वरदान साबित हो रहा है। मेला क्षेत्र में महिला श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और हर संभव सहायता के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 'सेवा भाव सर्वोपरि' के संकल्प के साथ सूचना सह सहायता कर्मी चौबीसों घंटे निरंतर तत्परता से कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा महिला श्रद्धालुओं और उनके मासूम बच्चों को कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पूरे मेला क्षेत्र में दस चिन्हित महत्वपूर्ण स्थलों पर आधुनिक मातृत्व विश्राम गृह बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर बच्चों के लिए दूध, बिस्कुट और चॉकलेट, पेयजल की व्यवस्था है।

श्रद्धालुओं ने जताया आभार
साथ ही महिला कांवरियों के लिए सेनेटरी पैड और शिशुओं के लिए डायपर की व्यवस्था के अलावा थकान और शारीरिक कष्ट को दूर करने के लिए चौबीसों घंटे फर्स्ट एड की सुविधा उपलब्ध हैं। वहीं इन विश्राम गृहों का मुख्य उद्देश्य महिला श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गरिमापूर्ण माहौल प्रदान करना है। यहां तैनात महिला सूचना कर्मी न केवल मार्ग दर्शन कर रही हैं, बल्कि माताओं को अपने बच्चों की देखभाल के लिए एक एकांत और आरामदायक स्थान भी उपलब्ध करा रही हैं। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के इस पहल की सराहना करते हुए लेकर श्रद्धालु स्नेहा और कृति (भागलपुर, बिहार) ने कहा कि सैकड़ों किलोमीटर पैदल यात्रा करने के बाद पैर और शरीर में अत्यधिक दर्द था। मातृत्व विश्राम गृह के कर्मियों ने जिस प्रकार आगे बढ़कर हमारा सहयोग और उपचार किया, वह आत्मीयता हमें हमेशा याद रहेगी।

सेवा भाव अद्भुत
सुष्मिता हलदर, पूजा बैनर्जी, ऐश्वर्या हलदर (कोलकाता, पश्चिम बंगाल) ने कहा कि मेला क्षेत्र में महिलाओं के लिए सेनेटरी पैड और बच्चों के लिए डायपर की निशुल्क व्यवस्था सुखद है। जिला प्रशासन की यह संवेदनशीलता सराहनीय है। निकिता और मंजू (मेरठ, उत्तर प्रदेश) ने बताया कि मेला रूट में इतनी भारी भीड़ के बावजूद कर्मियों का सेवा भाव अद्भुत है। श्रद्धालुओं के शारीरिक कष्ट को दूर करने का यह प्रयास सही मायने में बहुत बढ़िया है। साथ ही केंद्र पर तैनात महिला कर्मियों का सहयोग वास्तव में सराहनीय है। उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए हमारे पैर को खुद से दबा कर सहयोग किया, जो हमारे कष्ट को भूलने जैसा था। यह आत्मीयता हमें हमेशा याद रहेगी।