गढ़वा
गढ़वा जिले के मझिआंव थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां ससुराल गए एक युवक की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. मृतक के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मारपीट के बाद युवक को पुल के नीचे फेंक दिया गया था. गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. मृतक की पहचान मझिआंव थाना क्षेत्र के खरसोता गांव निवासी स्वर्गीय प्रकाश चौधरी के 34 वर्षीय पुत्र सुनील चौधरी के रूप में हुई है. घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

रिश्तेदार ने दी घटना की सूचना
मृतक के बड़े भाई अनिल चौधरी ने बताया कि उन्हें उनके रिश्तेदार और मौसेरे भाई राजेंद्र चौधरी ने फोन कर घटना की जानकारी दी. राजेंद्र चौधरी ने बताया कि मेराल थाना क्षेत्र के गेरुआ गांव से सुनील के साला प्रदीप चौधरी ने फोन कर कहा था कि उनके बहनोई पुल के नीचे गिरकर घायल हो गए हैं, उन्हें आकर ले जाइए. सूचना मिलने के बाद राजेंद्र चौधरी मौके पर पहुंचे और पुल के नीचे से घायल अवस्था में पड़े सुनील को अपने घर लेकर आए. इसके बाद स्थानीय चिकित्सक को दिखाया गया. डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए तत्काल अस्पताल ले जाने की सलाह दी. लेकिन वाहन या अन्य साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण तुरंत अस्पताल नहीं ले जाया जा सका.

मां के साथ पहुंचे भाई, रास्ते में हो गई मौत
अनिल चौधरी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद वे अपनी मां के साथ गेरुआ गांव पहुंचे और बेहोशी की हालत में पड़े सुनील को लेकर मझिआंव अस्पताल के लिए निकले. लेकिन करमडीह गांव के समीप पहुंचते ही रास्ते में उसकी मौत हो गई. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने सुनील को मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही मझिआंव थाना पुलिस अस्पताल पहुंची. पुलिस ने पंचनामा की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेज दिया. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद स्थानीय कोयल नदी घाट पर अंतिम संस्कार किया गया.

भाई ने लगाया हत्या का आरोप
मृतक के भाई अनिल चौधरी ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि यदि सुनील पुल से गिरकर घायल हुआ था, तो ससुराल पक्ष उसे किसी अच्छे अस्पताल में इलाज के लिए क्यों नहीं ले गया. उन्होंने आरोप लगाया कि मारपीट के बाद उसे पुल के नीचे फेंक दिया गया था. अनिल ने कहा कि यदि समय पर इलाज कराया जाता तो शायद सुनील की जान बच सकती थी. अनिल चौधरी ने बताया कि जब सुनील को थोड़ी देर के लिए होश आया था, तब उसने बताया था कि उसके साला सहित पांच-छह लोगों ने उसके साथ मारपीट की है. इस बयान के बाद परिजनों का शक और गहरा गया है.
दिल्ली से लौटने के बाद गया था ससुराल
परिजनों के अनुसार सुनील सोमवार को ही दिल्ली से अपने गांव खरसोता लौटा था. गांव पहुंचने के कुछ ही देर बाद वह अपने ससुराल गेरुआ गांव चला गया था. इसके बाद यह घटना सामने आई. मृतक की पत्नी बबीता देवी ने बताया कि वह अपनी मां और दोनों बच्चों के साथ छत्तीसगढ़ में पत्ती तोड़ने के काम के लिए गई हुई थी. घटना की जानकारी उन्हें बाद में मिली. उन्होंने कहा कि आखिर क्या हुआ, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि डर के कारण मायके पक्ष के लोग सामने नहीं आ रहे हैं और उन्हें फंसाए जाने की आशंका है.
सास ने भी जताया डर
वहीं मृतक की सास ने भी डर और फंसाए जाने की बात कही है. घटना के बाद ससुराल पक्ष के कई लोग सामने नहीं आए हैं, जिससे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि सुनील के साथ पहले मारपीट की गई और उसे मृत समझकर पुल के नीचे फेंक दिया गया. हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है.मामले को लेकर एसडीपीओ ने मोबाइल पर बातचीत में बताया कि घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है. पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की पड़ताल कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.