जामताड़ा
जामताड़ा जिले में बरसात के आगमन के साथ ही सांप काटने (सर्पदंश) की घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। पिछले महज पांच दिनों के भीतर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से कुल 13 लोगों को सांप काटने का मामला सामने आया है। इस अचानक बढ़े आंकड़ों ने जिला प्रशासन और लोगों की चिंता को बेहद बढ़ा दिया है। राहत की बात यह है कि समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण कई लोग स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं, जबकि कुछ का इलाज वर्तमान में सदर अस्पताल जामताड़ा में जारी है। आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे खौफनाक स्थिति 9 जून को रही, जब एक ही दिन में छह लोगों को सांप ने अपना शिकार बनाया। इनमें नारायणपुर नावाडीह के एमडी जमाल अंसारी, जामताड़ा शहर के सहाना निवासी कार्तिक पत्र, चितरा थाना क्षेत्र की केटकी देवी, जामताड़ा थाना क्षेत्र के कटंकी गांव निवासी अनिल टुडू, कर्माटांड़ के डुमरिया निवासी धनंजय मंडल और फतेहपुर के शैली हेमराम शामिल हैं। इसके बाद भी सर्पदंश का यह सिलसिला थमा नहीं।

झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें
12 जून को जामताड़ा थाना क्षेत्र के बरसोरा गांव के राजेश मंडल को सांप ने काटा। वहीं 14 जून को दो मामले सामने आए, जिसमें मुरलीडीह की सीमा कुमारी और बुद्धूडीह के रणबीर रजक का नाम शामिल है। इसके अगले ही दिन यानी 15 जून को तीन अन्य लोग जिनमें बिराजपुर के कमल अंसारी, आसनहरिया की गायन बत्ती देवी तथा अरविंद मंडल भी सांप के डंक का शिकार हो गए। बरसात के दिनों में सांपों के बिलों में पानी भर जाने के कारण वे सुरक्षित स्थानों की तलाश में रिहायशी इलाकों की तरफ रुख करते हैं। ऐसे में जिले वासियों को विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है। घर के आसपास झाड़ियों, कचरे के ढेर और लकड़ियों को जमा न होने दें। रात के समय घर से बाहर निकलते वक्त टॉर्च या मोबाइल फ्लैश का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग जमीन पर सोने से परहेज करें और मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें और सांप काटने पर समय गंवाए बिना मरीज को सीधे अस्पताल लेकर जाएं।
