गोड्डा:
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गोड्डा जिले के एक गरीब परिवार की दयनीय स्थिति पर तत्काल संज्ञान लिया है। द फॉलोअप में परिवार की स्थिति से जुड़ी वीडियो रिपोर्ट प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को मामले का संज्ञान लेते हुए परिवार को सभी जरूरी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का निर्देश दिया है। मामला ठाकुरगंगटी प्रखंड के धरनीचक गांव निवासी शंकर मांझी और उनके परिवार से जुड़ा है।
.@dcgodda तत्काल संज्ञान लें एवं सभी जरूरी सरकारी योजनाओं से जोड़ते हुए सूचित करें। https://t.co/ZxRja3yj2L
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) September 12, 2026
दिव्यांग शंकर मांझी के पास नहीं है आधार कार्ड
शंकर मांझी दिव्यांग हैं और बेहद मुश्किल परिस्थितियों में अपना जीवन गुजार रहे हैं। उनके पास आधार कार्ड नहीं है। बताया गया है कि हाथों के फिंगरप्रिंट स्पष्ट नहीं आने की वजह से उनका आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है। इसके अलावा उन्हें बोलने में भी परेशानी होती है। आधार कार्ड नहीं होने के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें अब तक पेंशन का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
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झोपड़ीनुमा घर में पूरा परिवार रहने को मजबूर
शंकर मांझी का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। परिवार के पास रहने के लिए पक्का मकान तक नहीं है। पूरा परिवार एक झोपड़ीनुमा घर में रहने को मजबूर है। शंकर मांझी की पत्नी काली देवी ने बताया कि इसी छोटे से घर में उनके पति, बेटे, बहू और बच्चे रहते हैं। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण परिवार आज तक अपना पक्का घर नहीं बनवा सका है।
अबुआ आवास और पीएम आवास का भी नहीं मिला लाभ
परिवार की परेशानी सिर्फ आवास तक सीमित नहीं है। शंकर मांझी का परिवार अब तक अबुआ आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी नहीं ले सका है। सरकारी योजनाओं से वंचित रहने के कारण परिवार की मुश्किलें लगातार बनी हुई हैं। बरसात के मौसम में झोपड़ी में रहने वाले परिवार की परेशानी और बढ़ जाती है।
रिपोर्ट सामने आने के बाद CM ने लिया संज्ञान
परिवार की दयनीय स्थिति से जुड़ी वीडियो रिपोर्ट सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले पर तत्काल संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने गोड्डा जिला प्रशासन को परिवार की स्थिति का आकलन कर उसे आवश्यक सरकारी योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया है। अब प्रशासन की कार्रवाई के बाद उम्मीद जगी है कि शंकर मांझी और उनके परिवार को आवास, पेंशन समेत अन्य जरूरी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।