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मुख्य सचिव पद की दौड़ में शैलेश कुमार सिंह का नाम सबसे आगे

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द फॉलोअप डेस्क

राज्य की मुख्य सचिव अलका तिवारी 30 सितंबर को रिटायर हो रही हैं। अब उनके लिए मात्र सात कार्य दिवस शेष है। 16 से 30 सितंबर के बीच आठ दिन छुट्टी है। सचिवालय में शनिवार और रविवार को छोड़ 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा, 22 सितंबर को कलश स्थापन, 29 सितंबर को महासप्तमी और 30 सितंबर को महानवमी की छुट्टी है। इस कारण राज्य सरकार के लिए मुख्य सचिव का चयन कर लेने का समय तेजी से नजदीक आता जा रहा है। दूसरी ओर नये मुख्य सचिव को लेकर ब्यूरोक्रेसी के अलावा राजनीतिक क्षेत्रों में भी चर्चा और अनुमान का दौर तेज है। वैसे सत्ता के गलियारे की मानें तो फिलहाल नये मुख्य सचिव की दौड़ में 1991 बैच के आईएएस अधिकारी शैलेश कुमार सिंह का नाम सबसे ऊपर बताया जा रहा है। शैलेश कुमार सिंह फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं और केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव हैं। हालांकि इसमें छोटी सी तकनीकी पेंच है। शैलेश कुमार सिंह की सेवा को केंद्र सरकार, झारखंड सरकार को सुगमता से लौटा दे।

जानकार सूत्रों की मानें तो राज्य सरकार वर्तमान मुख्य सचिव अलका तिवारी का कार्यकाल विस्तार के लिए केंद्र से आग्रह कर सकती है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो राज्य सरकार उन्हें राज्य निर्वाचन आयुक्त बना सकती है और मुख्य सचिव बनाने के लिए केंद्र सरकार से शैलेश कुमार सिंह की सेवा मांग सकती है। बताते हैं कि शैलेश कुमार सिंह 31 मार्च 2026 को रिटायर हो रहे हैं। गैप अरेंजमेंट की दृष्टि से यह राज्य सरकार के लिए सूट भी कर रहा है। आईएएस लॉबी में चर्चा के अनुसार गृह एवं कैबिनेट डिपार्टमेंट की प्रधान सचिव वंदना डाडेल एक जनवरी को मुख्य सचिव रैंक में प्रोन्नत हो जाएंगी। इससे शैलेश कुमार सिंह के रिटायरमेंट के बाद उन्हें मुख्य सचिव की जिम्मेदारी दी जा सकती है। यह व्यवस्था पूरी तरह सरकार के हिसाब में बताया जा रहा है। क्योंकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन फिलहाल अपने अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार को मुख्यमंत्री सचिवालय से छुट्टी देने के मूड में नहीं हैं। बताते हैं कि अब अविनाश कुमार भी यही चाहते हैं।

मुख्य सचिव रैंक में कई अधिकारी पर मुख्य सचिव बनाने में कई तरह की कसक

मुख्य सचिव रैंक में 1992 बैच की आईएएस निधि खरे भी हैं। वह फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। केंद्र सरकार में खाद्य आपूर्ति मंत्रालय की सचिव हैं। उनके पति अमित खरे को कल ही नव निर्वाचित उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का सचिव बनाया गया है। इससे पहले अमित खरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार रहे थे। इसलिए पति-पत्नी के फिलहाल दिल्ली में ही रहने के संकेत हैं। वैसे भी इस दंपत्ति पर भाजपा का भी ठप्पा है। इसके बाद मुख्य सचिव रैंक में 1995 बैच के आईएएस अधिकारी अजय कुमार सिंह, सत्येंद्र कुमार सिंह और नितीन मदन कुलकर्णी हैं। सत्येंद्र कुमार सिंह भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। वहीं बहुत जूनियर होने के कारण अजय कुमार सिंह के नाम पर गंभीरता से विचार नहीं किया जा रहा है। नितीन मदन कुलकर्णी को सीएस मैटेरियल ही नहीं माना जा रहा है। राज्य सरकार के साथ उनके संबंध भी जगजाहिर हैं।

 

Tags - Jharkhand speculation about the new Chief Secretary Alka Tiwari will retire on 30 September discussion of the name of Shailesh Kumar Singh