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भीषण गर्मी से गढ़वा बेहाल, सड़कें सूनी और लोग बेहाल; बाजारों में घड़ा-सत्तू और जूस की बढ़ी मांग

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गढ़वा
गढ़वा जिले में प्रचंड गर्मी ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. उत्तर प्रदेश और झारखंड को जोड़ने वाली एनएच-39 तथा छत्तीसगढ़-झारखंड एनएच-343 पर दोपहर के समय सन्नाटा पसरा रहा. सोमवार को जिले का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे लोगों का हाल बेहाल है. पूरे झारखंड में इन दिनों गढ़वा और पलामू सबसे अधिक गर्म जिलों में शामिल हैं. भीषण गर्मी के कारण लोग सुबह से ही घरों में कैद रहने को मजबूर हैं. सुबह 11 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक बाहर निकलना लोगों के लिए मुश्किल साबित हो रहा है. स्थिति इतनी गंभीर है कि घरों में लगे एसी भी राहत देने में नाकाम साबित हो रहे हैं.
गर्मी बढ़ने के साथ ही बाजारों में मिट्टी के बर्तन और घड़ों की मांग बढ़ गई है. वहीं इलेक्ट्रॉनिक दुकानों में एसी और कूलर की बिक्री में भी तेजी आई है. शहर के रंका मोड़ पर खीरा, तरबूज, दही, सत्तू और गन्ने के जूस की मांग अचानक बढ़ गई है. रमना प्रखंड की प्रमुख ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि वे इस भीषण गर्मी में सावधानी बरतें और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें.
कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार अल नीनो का प्रभाव देखने को मिल रहा है. उनका कहना है कि लगभग 100 वर्षों बाद इस तरह का असर देखने को मिला है, जिसके कारण तापमान लगातार ऊंचा बना हुआ है और बारिश की संभावना कम है. विशेषज्ञों ने लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है. उनके अनुसार आने वाले दिनों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है.

 

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