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घाटशिला विस उप चुनाव : इंडिया और एनडीए के लिए उम्मीदवार का चयन नहीं है आसान

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द फॉलोअप डेस्क
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद राज्य के घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में उप चुनाव अवश्यंभावी है। बिहार विधानसभा चुनाव के साथ ही यहां भी उप चुनाव की पूरी संभावना है। बिहार में सितंबर के अंत तक चुनाव की घोषणा होने की पूरी उम्मीद है। इस दृष्टिकोण से घाटशिला विधानसभा उप चुनाव को लेकर इंडिया और एनडीए गठबंधन के भीतर टिकट की दावेदारी पेश की जाने लगी है। खास कर भाजपा में कई नेता अपने संपर्क और संबंधों के बल पर कोशिश शुरू कर दी है। वहीं इंडिया गठबंधन में यह सीट झामुमो खाते की रही है। इसलिए झामुमो को भी उम्मीदवार चयन को लेकर माथे पर बल बताया जाता है।


भाजपा में प्रत्याशियों की मारामारी है तो झामुमो नेतृत्व के लिए मात्र दो दावेदारों में किसका चयन सटीक बैठेगा, यह तय करना खुद के लिए मुश्किल हो रहा है। अब तक की जानकारी के अनुसार भाजपा से चार प्रमुख दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं। 2024 के विधानसभा चुनाव में 22440 मतों से पराजित होनेवाले पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन प्रमुख हैं। इसके अलावा उस क्षेत्र में अपनी पकड़ रखने वाले रमेश हांसद, लखन मार्डी और जिला परिषद से जुड़ी रही सुनीता सोरेन भी शामिल है। बाबूलाल सोरेन को झटके किनारे कर देना आसान नहीं दिख रहा। वहीं महत्वपूर्ण पद देकर पिछले चुनाव में रमेश हांसदा को मना लेने की तरकीब, इस बार क्या गुल खिलाती है, यह देखना दिलचस्प बताया जा रहा है। 


लेकिन मात्र दो ही दावेदारों में किसी एक का चुनाव झामुमो के लिए सबसे कठिन है। झामुमो के जानकारों के अनुसार सहानुभूति के दृष्टिकोण से स्वर्गीय रामदास सोरेन की पत्नी सूरजमणि प्रभावी बतायी जा रही है। लेकिन युवा तुर्क और रामदास सोरेन के साम्राज्य को समझने में उनके पुत्र सोमेश सोरेन को बेहतर समझा जा रहा है। कहा जाता है कि भाजपा के कई दावेदार ऐसे हैं जिनके लिए सूरजमणि के विरुद्ध चुनाव में हुंकार भरना मुश्किल हो सकता है। लेकिन झामुमो के सामने संकट यह भी है कि टाईगर जगरनाथ महतो की मौत के बाद उनकी पत्नी बेबी देवी को मंत्री बनाना, डुमरी उप चुनाव जीताने का लाभ 2024 के विधानसभा चुनाव में झामुमो को नहीं मिल सका। इसलिए झटके में उम्मीदवार तय कर लेना झामुमो के लिए दुरुह बताया जा रहा है। इसी तरह जेएलकेएम अध्यक्ष जयराम महतो के लिए भी अग्नि परीक्षा की घड़ी है। उप चुनाव में उम्मीदवार देने और नहीं देने का निर्णय लेना, बहुत आसान नहीं है।

2024 के विधानसभा उप चुनाव का परिणाम
रामदास सोरेन(झामुमो)-98356
बाबूलाल सोरेन (भाजपा)-75910
रामदास मुर्मू (जेएलकेएम)-8092


 

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