द फॉलोअप डेस्क
सोमवार को झारखंड विधानसभा के पूरक मानसून सत्र सूर्या हांसदा और रिम्स टू की जमीन विवाद का भेंट चढ़ा। हालांकि विवाद, हंगामा और नारेबाजी के बीच राज्य सरकार ने अपना विधायी कार्य संपन्न कराया। पहले तो विपक्ष ने सदन की कार्यवाही प्रारंभ होने से पूर्व प्रवेश द्वार पर प्रदर्शन किया। सूर्या हांसदा एनकाउंटर की सीबीआई जांच कराने और रिम्स टू के लिए अधिग्रहित जमीन आदिवासियों को वापस करने की मांग की। फिर सदन की कार्यवाही जैसे ही प्रारंभ हुई विपक्ष इन मांगों को लेकर बेल में प्रवेश कर गया। सत्ता पक्ष के विधायक बेल में घुस आए। रिपोर्टिंग टेबल के दोनों ओर पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने जमकर नारेबाजी की। स्पीकर रबींद्र नाथ महतो को सदन की कार्यवाही इस कारण दो-दो बार स्थगित की गयी।

विवाद फिर तब बढ़ा जब भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने प्रथम अनुपूरक बजट पर पेश कटौती प्रस्ताव चर्चा के दौरान सूर्या हांसदा की तुलना गुरुजी से कर दी। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु आदिवासियों को महाजनी प्रथा, हड़िया-दारू व अन्य कुरीतियों से मुक्ति दिलाने का प्रयास किया। राज्य सरकार भी गुरुजी के नक्शे कदम पर चलने की बात कहती है। लेकिन शराब बेच कर राजस्व प्राप्त करने के लिए बड़े बड़े होर्डिंग्स लगाए जा रहे हैं। उन्होंने इसी क्रम में आगे कहा कि सूर्या हांसदा भी गुरुजी के नक्शे कदम पर चल रहा था। आदिवासियों की लड़ाई लड़ रहा था। इसके बाद सत्ता पक्ष के विधायक उताबले हो गए। बेल में घुस आए। कुछ देर तक बेल में पक्ष-विपक्ष के सदस्य नारेबाजी करते रहे।
अपराधि प्रवृति के व्यक्ति से गुरुजी की तुलना दुर्भाग्यपूर्णः राधाकृष्ण किशोर
इस पर संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि एक अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्ति की तुलना गुरुजी से करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सत्येंद्र नाथ तिवारी के बयान को कार्यवाही से बाहर करने की भी मांग की।
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हेमलाल मुर्मू ने सूर्या हांसदा को अपराधी बताया
हेमलाल मुर्मू का कहना था कि सूर्या हांसदा प्रकरण को भाजपा हॉट केक के रूप में प्रस्तुत कर रही है। लेकिन वह अपराधी था। उस पर 25 से अधिक मुकदमे थे। हांसदा के मुद्दे को लेकर भाजपा आदिवासी कार्ड खेल रही है। अपराधी न हिंदू होता है न मुसलिम। न आदिवासी। अपराधी,अपराधी होता है।

कोर्ट का फैसला आने तक कोई अपराधी नहीं होता, गुरुजी भी तिहाड़ गए थेःबाबूलाल मरांडी
प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी का कहना था कि राजनीतिक क्षेत्र में काम करनेवाले लोगों पर कई केस होते हैं। सूर्या हांसदा चार चार बार चुनाव लड़े। दिशोम गुरु शिबू सोरेन पर भी कई तरह के मुकदमे हुए। उन्हें तिहाड़ जेल भी जाना पड़ा। सीबीआई जांच करा लीजिए, दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। किसी पर मुकदमा हो गया है तो उसे हम दोषी नहीं करार सकते। हम न्यायाधीश नहीं हैं।
सीबीआई केंद्रीय एजेंसी जांच करा ले भाजपाः राधाकृष्ण किशोर
द्वितीय पाली में जब अनुपूरक बजट पर चर्चा प्रारंभ होनेवाली थी, भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने सूर्या हांसदा एनकाउंटर की सीबीआई जांच और रिम्स टू की जमीन आदिवासियों को वापस करने की मांग करने लगे। इस पर वित्त सह संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य सरकार सीबीआई जांच करा सकती है। हाईकोर्ट भी आदेश दे सकता है। लेकिन सीबीआई भी स्वतः संज्ञान लेकर जांच कर सकती है। सीबीआई केंद्रीय एजेंसी है, भाजपा क्यों नहीं खुद सीबीआई जांच करा लेती है।
