अजित जायसवाल, साहिबगंज
साहिबगंज जिले के मंडरो प्रखंड के सिमड़ा पंचायत के मोतीझील गांव में ग्राम प्रधान बाबूलाल हांसदा के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश मंगलवार को खुलकर सामने आया। ग्रामीण नगाड़ा बजाते हुए मंडरो अंचल कार्यालय पहुंचे और ग्राम प्रधान को पद से हटाने की मांग को लेकर अंचलाधिकारी को लिखित आवेदन सौंपा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान कामकाज में लापरवाही बरतते हैं, मनमर्जी करते हैं और लोगों की शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं देते, जिससे गांव के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

सहयोग नहीं मिलने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में दाखिला, छात्रवृत्ति और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बच्चों को जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनवाने में ग्राम प्रधान अपेक्षित सहयोग नहीं करते। गांव में आपसी विवादों के समाधान में भी उनकी कोई रुचि नहीं रहती। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने में भी ग्राम प्रधान विफल रहे हैं। साथ ही ग्राम सभा की बैठक नियमित रूप से नहीं बुलाई जाती और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने में भी आनाकानी की जाती है, जिससे लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी होती है।

महिलाओं ने भी की शिकायत
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान का व्यवहार लोगों के प्रति ठीक नहीं है और वे कई बार दुर्व्यवहार तथा अपशब्दों का इस्तेमाल भी करते हैं। उनका कहना है कि ग्राम प्रधान की निष्क्रियता के कारण गांव में सड़क, पेयजल समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पाया है। प्रदर्शन में शामिल कई महिलाओं ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब वे शिकायत लेकर अंचल कार्यालय पहुंची हैं। इससे पहले भी बाबूलाल हांसदा के खिलाफ लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ग्राम प्रधान ने आरोपों को बताया निराधार
ग्रामीणों के आरोपों पर ग्राम प्रधान बाबूलाल हांसदा ने अपना पक्ष रखते हुए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि शिकायत कोई भी कर सकता है, लेकिन जांच होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी। फिलहाल ग्रामीणों ने अंचल प्रशासन से ग्राम प्रधान को हटाकर उनकी जगह किसी योग्य व्यक्ति की नियुक्ति करने की मांग की है। अब प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर सभी की नजर टिकी हुई है।