द फॉलोअप डेस्क
झारखंड विधानसभा में शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को सत्ता पक्ष के विधायकों ने घेर लिया। प्रश्नकाल के दौरान मंत्री पर गंभीर सवाल उठाते हुए चंद्र देव महतो, मथुरा महतो और आरूप चटर्जी ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की मांग की। चंद्र देव महतो ने कहा कि धनबाद मेडिकल कॉलेज और सदर अस्पताल में बायोमेडिकल बेहतरीन उपचार योजना का पालन नहीं हो रहा है। खुले में कचरा निस्तारण हो रहा है और जिम्मेदारी दी गई एजेंसी अपना काम ठीक से नहीं कर रही है बल्कि दादागिरी कर रही है। मंत्री ने शुरू में मामले को टालने और उलझाने की कोशिश की, लेकिन जब सत्ता पक्ष के विधायकों ने जोर देकर कहा कि कचरा निस्तारण का काम पूरी तरह असंतोषजनक है, तब जाकर मंत्री को सदन में कार्रवाई का आश्वासन देना पड़ा। सत्ता पक्ष के विधायकों की एकजुटता और सवालों की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा के स्पीकर रविंद्र नाथ महतो ने भी मंत्री पर इस मामले को गंभीरता से देखने का दबाव बनाया। इस घटना से स्पष्ट हुआ कि स्वास्थ्य सेवा और अस्पतालों में सफाई एवं बायोमेडिकल प्रबंधन के मुद्दे विधानसभा में गहन रूप से उठाए जा रहे हैं।
