द फॉलोअप डेस्क
झारखंड के खिलाड़ियों को राज्य सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। अब पदक जीतने वाले खिलाड़ी रिटायर होते हैं तो उनको आजीवन मासिक पेंशन मिलता रहेगा। 10 हजार रुपए प्रति माह ऐसे खिलाड़ियों को पेंशन झारखंड खेल नीति-2022 के अनुसार दिया जाएगा। वहीं, अगर पदक जीतने वाले खिलाड़ी की मृत्यु हो जाती है तो आश्रित पति या पत्नी, नाबालिग बच्चा-बच्ची को पांच हजार रुपये मासिक दिया जाएगा। इस दरअसल इस संबंध में मंगलवार को पर्यटन कला संस्कृति खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। जिसमें खिलाड़ी पेंशन योजना के तहत पेंशन प्रदान करने की गाइडलाइन जारी कर दी गई। बताते चलें कि पेंशनधारियों को यह राशि सीधे उनके खाते में भेजी जायेगी।

ये खिलाड़ी होंगे पात्र
अर्जुन अवार्ड प्राप्त खिलाड़ी, द्रोणाचार्य अवार्ड प्राप्त खिलाड़ी, ध्यानचंद अवार्ड प्राप्त खिलाड़ी, ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ी, कॉमनवेल्थ खेल, एशियन गेम के पदक विजेता। ये वैसे खिलाड़ी जो अब व्यावहारिक तौर पर नहीं खेल नहीं रहे हों।

पेंशन पाने के लिए यह है शर्त
- झारखंड राज्य का स्थायी निवासी होना।
- खिलाड़ी सक्रिय खेलों से सेवानिवृत्त हुआ हो।
- उसकी उम्र कम से कम 40 वर्ष हो। आयु सीमा में अधिकतम 10 वर्ष तक की छूट दी जा सकती है बशर्ते खिलाड़ी अचानक किसी चोट या शारीरिक विकलांगता या गंभीर बीमारी के द्वारा अक्षम हो गया हो। जिसके कारण वह सक्रिय खेलों से समय से पहले दूर हो गया हो। इस मामले के लिए बोर्ड का प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा। आयु की गणना आवेदन की तिथि से की जाएगी।
- किसी भी आपराधिक मामले में दोष मुक्त होना चाहिए।
- प्रतिवर्ष जनवरी माह में पेंशन प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को जीवित होने से संबंधी घोषणा पत्र अपने जिला खेल पदाधिकारी को समर्पित करना होगा।
- वैसे खिलाड़ी पेंशन के हकदार नहीं होंगे, जो भारत सरकार, राज्य सरकार, पीएसयू में पूर्व में काम कर चुके हों।
- भारत सरकार या अन्य किसी राज्य सरकार से पेंशन पाने वाले भी इस योजना के लाभुक नहीं हो सकते।
- इस योजना के तहत खिलाड़ी केवल एक पेंशन के लिए योग्य होंगे, जो उनकी सर्वश्रेष्ठ उपलब्धियों के आधार पर दी जायेगी।
- पारिवारिक पेंशन के लिए डेथ सर्टिफिकेट अनिवार्य किया गया है।
- हर साल जनवरी महीने में लाइफ सर्टिफिकेट भी जमा करना होगा।
- सभी भुगतान पेंशन स्वीकृत होने की तिथि से देय होंगे।
- पेंशनभोगी की मृत्यु होने पर पेंशन बंद कर दी जायेगी। लेकिन मृतक पेंशनभोगी का पति-पत्नी अथवा नाबालिग बच्चे जीवित हैं तो इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
- पेंशनभोगी स्वेच्छा से किसी भी समय पेंशन का परित्याग कर सकते हैं।
- पेंशनभोगी अनुचित या कपटपूर्ण साधनों का सहारा लेकर पेंशन प्राप्त करते हुए पाया जाता है तो उससे 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित पेंशन के रूप में लाभार्थी द्वारा पहले से प्राप्त की गई कुल राशि की वसूली होगी। विभाग को कानूनी, प्रशासनिक कार्रवाई करने का अधिकार भी सुरक्षित होगा।
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