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लंबित आश्वासनों को समय पर पूरा कराने के लिए इमरजेंसी सेल बनाने की सिफारिश

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द फॉलोअप, रांची
झारखंड विधानसभा की सरकारी आश्वासन समिति के सभापति अरूप चटर्जी, सदस्य कुमार उज्ज्वल और ममता देवी ने बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो से मुलाकात कर समिति के 50वें, 51वें और 52वें प्रतिवेदनों की प्रतियां पेश कीं। इस दौरान समिति के सदस्य उदय शंकर सिंह भी मौजूद रहे। समिति की रिपोर्ट विधानसभा में विभागीय मंत्रियों की ओर से दिए गए सरकारी आश्वासनों के क्रियान्वयन की समीक्षा पर आधारित है। रिपोर्ट में वर्ष 2010 से अब तक लंबित सरकारी आश्वासनों की स्थिति और उनके निष्पादन के लिए विभागीय एवं समीक्षात्मक बैठकों में हुई कार्रवाई का ब्योरा दिया गया है।

समिति ने अपनी रिपोर्ट में कुल चार अनुशंसाएं की हैं। इसमें विभागीय अधिकारियों को लंबित आश्वासनों के क्रियान्वयन में गंभीरता दिखाने और सरकार को इसकी नियमित जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही गई है। समिति ने कहा कि लंबित आश्वासनों का क्रियान्वयन होने से जनहित से जुड़े कई विषय स्वतः समाधान की दिशा में आगे बढ़ते हैं, इसलिए सरकार को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए। समिति ने यह भी अनुशंसा की है कि उसकी विभिन्न बैठकों में विभागीय अधिकारियों को दिए गए निर्देशों का राज्यहित में अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। लंबित सरकारी आश्वासनों के शीघ्र क्रियान्वयन की निगरानी के लिए अलग से इमरजेंसी सेल गठित करने की भी सिफारिश की गई है।

शिक्षा विभाग के लंबित मामलों में हुई कार्रवाई

समिति की रिपोर्ट में शिक्षा विभाग से जुड़े कई लंबित मामलों की प्रगति का भी उल्लेख है। झरिया के जामाडोबा स्थित उर्दू मध्य विद्यालय में पाइपलाइन के जरिए पेयजल की व्यवस्था कर दी गई है। इससे विद्यार्थियों को नियमित रूप से पानी उपलब्ध हो रहा है। वहीं प्राथमिक शिक्षकों के अंतर-जिला स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से कई शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है। जामताड़ा स्थित वेटरनरी कॉलेज से संबंधित लंबित मामले में भी आवश्यक कार्रवाई पूरी किए जाने की जानकारी समिति को दी गई।

14 बैठकों में हुई लंबित मामलों की समीक्षा

रिपोर्ट के अनुसार सरकारी आश्वासन समिति ने अब तक कुल 14 बैठकें आयोजित की हैं। इनमें आठ विभागीय और छह समीक्षात्मक बैठकें शामिल हैं। बैठकों में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ लंबित आश्वासनों और मामलों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा उनके शीघ्र निष्पादन पर जोर दिया गया। समिति ने कहा कि झारखंड सरकार सदन में दिए गए आश्वासनों को पूरा करने और जनहित से जुड़े मामलों के समाधान के लिए लगातार गंभीरता से काम कर रही है।

समयबद्ध क्रियान्वयन जरूरी : अरूप चटर्जी

समिति के सभापति अरूप चटर्जी ने कहा कि सरकारी आश्वासन समिति के समक्ष आश्वासनों की लंबी सूची थी, लेकिन पदाधिकारियों के सहयोग से अधिकांश आश्वासनों के क्रियान्वयन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी आश्वासनों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुशासन और जनविश्वास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।


 

Tags - Jharkhand Legislative Assembly Government Assurance Committee Report