रांची
ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन चालकों पर अब ट्रैफिक पुलिस ने पूरी तरह से शिकंजा कस दिया है। बार-बार चेतावनी और चालान के बावजूद सुधरने का नाम न लेने वाले लापरवाह चालकों के खिलाफ अब सीधे ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसी कड़ी में ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने साल 2026 के शुरुआती पांच महीनों (जनवरी से मई) में रिकॉर्ड 4,339 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा जिला परिवहन पदाधिकारी से की है। लाइसेंस रद्द होने के बाद भी अगर गाड़ी चलाई, तो न सिर्फ वाहन जब्त होगा बल्कि सीधे FIR दर्ज की जाएगी।
किस मामले में कितने डीएल रद्द करने की अनुशंसा?
ट्रैफिक पुलिस द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार, नियमों के उल्लंघन के मामलों में सबसे बड़ी लापरवाही रेड लाइट जंप करने और दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाले पिलियन राइडर द्वारा हेलमेट न लगाने को लेकर सामने आई है। जनवरी से मई 2026 तक के आंकड़ों में सबसे अधिक 1,848 मामले रेड लाइट जंपिंग के दर्ज किए गए हैं, जबकि बिना हेलमेट के पीछे बैठने वाले सह-यात्रियों के 1,150 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन के 1,341 मामलों को मिलाकर कुल 4,339 ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की सूची तैयार की गई है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले वर्ष 2025 में भी इसी तरह की लापरवाही के कारण कुल 7,975 ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं।
परिवहन विभाग करेगा जांच
ट्रैफिक पुलिस की ओर से भेजी गई इस विस्तृत सूची के आधार पर अब परिवहन विभाग के स्तर से आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। डीटीओ अखिलेश कुमार के नेतृत्व में विभाग इन सभी मामलों की स्क्रूटनी यानी गहन जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के उल्लंघन की गंभीरता और चालकों के पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से इन सभी ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित करने की प्रक्रिया जल्द ही पूरी की जाएगी।
डर से नहीं, सुरक्षा के लिए मानें नियम
इस कड़े कदम के बीच ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने आम जनता और वाहन चालकों से एक विशेष अपील की है। उन्होंने कहा है कि लोग केवल भारी-भरकम चालान या ड्राइविंग लाइसेंस रद्द होने के डर से ट्रैफिक नियमों का पालन न करें, बल्कि इसे अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए एक जिम्मेदारी समझें। सीट बेल्ट बांधना, हेलमेट लगाना और ट्रैफिक सिग्नल का ईमानदारी से पालन करना सीधे तौर पर लोगों की जान की सुरक्षा से जुड़ा है, जिसमें जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
लाइसेंस रद्द होने के बाद गाड़ी चलाई तो सीधे FIR
ट्रैफिक पुलिस ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले दिनों में सड़क सुरक्षा को लेकर यह जांच अभियान और ज्यादा तेज किया जाएगा। पुलिस की ओर से सख्त चेतावनी दी गई है कि ड्राइविंग लाइसेंस रद्द होने की प्रक्रिया के बाद भी यदि कोई चालक सड़कों पर वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसकी गाड़ी को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया जाएगा। इसके साथ ही, सरकारी आदेश की अवहेलना और बिना वैध दस्तावेज के गाड़ी चलाने के आरोप में ऐसे चालकों पर सीधे कानूनी कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी (एफआईआर) भी दर्ज की जा सकती है।