रांची
झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं में सुधार और पारदर्शी प्रक्रिया की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्रों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है। आंदोलनकारी छात्रों द्वारा 20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास के घेराव के ऐलान ने राज्य के सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है। युवाओं के इस बढ़ते असंतोष और राजनीतिक सरगर्मी को देखते हुए सत्तारूढ़ गठबंधन की प्रमुख सहयोगी झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 18 अगस्त को रांची स्थित पुराना विधानसभा सभागार में शाम 4 बजे से एक उच्चस्तरीय आपात बैठक आहूत की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के निर्देश पर बुलाई गई इस बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के स्थायी आमंत्रित सदस्य व प्रदेश प्रभारी के. राजू, सह-प्रभारी बेला, प्रदेश राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्य, प्रदेश उपाध्यक्ष, जिला प्रभारी और सभी जिलों के जिलाध्यक्ष शामिल होंगे।

छात्रों के असंतोष और वोट बैंक को साधने की कवायद
परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पारदर्शी चयन प्रक्रिया की मांग कर रहे अभ्यर्थियों के निशाने पर इस वक्त सत्तारूढ़ गठबंधन के साथ-साथ कांग्रेस भी आ गई है। पार्टी आलाकमान युवाओं के इस आक्रोश को लेकर बेहद गंभीर है। 18 अगस्त की बैठक का मुख्य एजेंडा छात्रों के साथ सीधा संवाद कायम करने की राह खोजना है, ताकि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के आरोपों के बीच उनकी जायज मांगों पर ठोस पहल की जा सके और संगठन की छवि को होने वाले संभावित राजनीतिक नुकसान से बचाया जा सके।
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खान-खनिज संशोधन विधेयक और विस्थापितों का मुद्दा
मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा के अनुसार, इस महाबैठक में छात्र आंदोलन के अलावा राज्य के ज्वलंत और नीतिगत विषयों पर भी रणनीति तय होगी।साथ हीं खान एवं खनिज संशोधन विधेयक 2026 पर कांग्रेस अपनी आधिकारिक लाइन तय करेगी। 20 अगस्त के बड़े छात्र प्रदर्शन से ठीक दो दिन पहले बुलाई गई यह बैठक राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जा रही है। झारखंड के हितों के मुद्दे पर पार्टी अपनी गठबंधन सरकार के भीतर और बाहर निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार हो रही है।
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