रांची
रांची में अमन पसंद माहौल को बिगाड़ने के लिए प्रिंस खान का नेटवर्क पूरी तरह सक्रिय है। इस गिरोह के मुख्य निशाने पर शहर के बड़े बिल्डर्स, ट्रांसपोर्टर्स और नामचीन कारोबारी हैं। गिरोह का काम करने का तरीका बेहद शातिर है। सबसे पहले टारगेट किए जाने वाले कारोबारी की पूरी प्रोफाइल और रेकी के जरिए पूरी जानकारी जुटाई जाती है। इसके बाद, इंटरनेट-बेस्ड कॉल्स और विभिन्न मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से उनसे सीधे संपर्क कर मोटी रंगदारी मांगी जाती है। चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि इस पूरे खूनी खेल का मास्टरमाइंड प्रिंस खान भारत में नहीं, बल्कि पाकिस्तान के बहावलपुर में 'फैज खान' बनकर बैठा है और वहीं से इंटरनेट कॉल्स के जरिए अपना नेटवर्क चला रहा है। ताजा मामले में गिरोह ने होटल 'कैपिटल हिल' के संचालक को धमकी दी है, जिससे शहर के व्यापारियों में भारी दहशत का माहौल है।
6 महीने में 5 एफआईआर, फिर भी पुलिस के हाथ खाली
प्रिंस खान के आतंक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले महज 6 महीनों के भीतर रांची के 5 अलग-अलग थानों में पीड़ित कारोबारियों द्वारा FIR दर्ज कराई जा चुकी है। इसके बावजूद, रांची पुलिस की लाचारी और विफलता का आलम यह है कि एक मामले को छोड़कर अन्य 4 मामलों में पुलिस को अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस न तो इस गिरोह के स्थानीय गुर्गों तक पहुंच पा रही है और न ही रंगदारी के इस पूरे सिंडिकेट को क्रैक कर पाई है, जिसके कारण अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद हैं।
टिटोस रेस्टोरेंट कर्मी की हत्या के बाद सुरक्षा घेरे में कैद कारोबारी
गैंगस्टर का खौफ सिर्फ धमकियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका हिंसक चेहरा तब सामने आया जब रंगदारी न देने पर टिटोस रेस्टोरेंट के एक निर्दोष कर्मचारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस जघन्य हत्याकांड के बाद से रांची के कारोबारियों में भारी दहशत है। डर के मारे कई बड़े व्यवसायियों ने अपने दफ्तर आना तक छोड़ दिया है, तो कई लोग अब चौबीसों घंटे कड़े सुरक्षा घेरे में रहने को मजबूर हैं। अपनी जान बचाने के लिए कारोबारियों ने रांची पुलिस से अंगरक्षक (बॉडीगार्ड) मुहैया कराने की गुहार लगाई है। जिन लोगों को पुलिस सुरक्षा नहीं मिल सकी, उन्होंने भारी-भरकम खर्च कर निजी बॉडीगार्ड्स तैनात कर लिए हैं।
पाकिस्तान के बहावलपुर में 'फैज खान' बनकर बैठा है मास्टरमाइंड
पुलिस की तकनीकी और जमीनी जांच में जो सबसे बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, वह यह है कि इस पूरे आतंक का मास्टरमाइंड प्रिंस खान भारत में है ही नहीं। टिटोस रेस्टोरेंट कर्मी की हत्या के मामले में गिरफ्तार अपराधी कुबेर के मोबाइल से पुलिस को एक पाकिस्तानी राष्ट्रीय पहचान पत्र मिला है। इस दस्तावेज से पुष्टि हुई है कि प्रिंस खान ने पाकिस्तान के बहावलपुर में 'फैज खान' के नाम से शरण ले रखी है। वह सरहद पार सुरक्षित बैठकर इंटरनेट और डिजिटल नेटवर्क के जरिए झारखंड में रंगदारी और हत्या के इस खूनी खेल को ऑपरेट कर रहा है। 
होटल कैपिटल हिल के संचालक को भी धमकी
प्रिंस खान के हौसले इतने बढ़ चुके हैं कि अब उसने रांची के प्रतिष्ठित होटल 'कैपिटल हिल' के संचालक संजय भाटिया को अपना अगला निशाना बनाया है। संजय भाटिया ने एसएसपी को लिखित शिकायत देते हुए बताया कि बीती 3 जून को उनसे रंगदारी की मांग की गई है। इस सीधे खतरे के बाद उन्होंने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताते हुए एसएसपी से अविलंब सरकारी अंगरक्षक उपलब्ध कराने की मांग की है।