logo

BREAKING : बीजेपी विधायक की पत्नी को रांची पुलिस ने दी जाति सूचक गाली, सादे कागज पर साइन कराने की कोशिश की!

0840.jpg

सन्नी शारद. रांची
रांची के कांके विधायक की पत्नी अनीता देवी के साथ रांची पुलिस ने राजस्थान जाकर जाति सूचक गाली दी। सार्वजनिक रूप से अपमान किया। समरीलाल को लेकर कई असभ्य बातें कहीं, सादे कागज में जबरन साइन कराने का प्रयास किया। ऐसे कई गंभीर आरोप समरीलाल की पत्नी ने कांके थाना की पुलिस पर लगाई है। पुलिस की शिकायत राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग भारत सरकार से उन्होंने की है। जानकारी के अनुसार विधायक की पत्नी का कंप्लेन भी दर्ज कर लिया गया है

जानें क्या है शिकायत में
15
मई 2023 को लिखित शिकायत में 51 वर्षीय अनीता देवी ने बताया है कि वह राजस्थान के झुंझुनू जिला की निवासी हैं। बकतारपूरा स्वास्थ्य उपकेंद्र में सफाई कर्मी के रूप में कार्यरत हैं। 10 मई को 11 बजे दिन में जब वह हर दिन की तरह अपने स्वास्थ्य उपकेंद्र में थी तब कांके थाना प्रभारी आभाष कुमार दलबल के साथ पहुंचे। उनके साथ स्थानीय पुलिस भी थी। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र आकर मुझे बुलाया। अनीता देवी के अनुसार स्वास्थ्य उपकेंद्र में मौजूद अन्य कर्मियों के सामने ही थाना प्रभारी आभाष कुमार दुर्भावना एवं द्वेषपूर्ण भावना से ग्रसित होकर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मुझसे जानना चाहे कि मैं समरी लाल की पत्नी हूं या नहीं। स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्यकर्मियों व मरीजों के बीच कहा कि तुम्हारे पति रांची में रखैल रखे हैं। जिसके दो-तीन नाजायज बच्चे भी हैं। वैसे भी तुम्हारी जाति भंगियों में ऐसी बात आम है। अनीता देवी ने आगे शिकायत में कहा कि उन्होंने इसका खंडन करते हुए कहा कि मुझे अपने पति पर पूर्ण विश्वास है कि वे ऐसे नहीं हैं। इस पर आभास कुमार द्वारा कहा गया कि लगता है तुम ही दूसरी वाली होगी इसलिए झारखंड में नहीं रहती हो। ससुराल छोड़कर मायके में क्यों रहती हो। इस अनीता ने पुलिस से कहा कि उनकी विधायकी 5 साल की है। मैं नौकरी के चलते मायके में रहती हूं। अनीता देवी ने आयोग के दिए शिकायत में यह भी कहा कि पुलिस उनसे कह रही है कि अपने पति से कहो वह भंगी नीच जाति का विधायक बन गया है, विधायकी छोड़ दे। साथ ही पुलिस ने दबाव बना रही थी कि मैं कहूं कि समरीलाल राजस्थान से आते हैं। पर सच यह है कि मेरी शादी रांची में हुई है। पति का परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी झारखंड में रह रहे हैं। अनीता देवी ने पुलिस पर जबरदस्ती एक सादे कागज़ में साइन करने के प्रयास का आरोप लगाया है और बताया है कि उनके आधार कार्ड का जबरदस्ती फोटो लिया गया. उनके अनुसार इस पूरे घटनाक्रम के दौरान स्वास्थ्य उपकेंद्र के सभी कर्मी मौजूद थे. जब आसपास के लोगों ने पुलिस पर यह कहते हुए दबाव बनाया कि एक अनुसूचित जाति की एक महिला से आप ऐसे कैसे बर्ताव कर सकते हैं वह भी बिना कोई नोटिस और किसी महिला पुलिस के? उसके बाद पुलिस लौट गई

फोन पर गिरफ्तार कर लेने की दी धमकी
अनीता देवी ने यह भी आरोप लगाया कि शाम को फोन कर पुलिस ने दी गई धमकी विधायक की पत्नी ने अपने लिखित शिकायत में बताया कि कांके थाना के दरोगा राजीव कुमार ने उसी दिन शाम के 6 बजकर 59 मिनट पर फोन किया और धमकी देते हुए कहा कि सही-सही बताओ नहीं तो तुम्ही को गिरफ्तार कर लेंगे। इस पूरे मामले को लेकर अनीता देवी ने आयोग से क़ानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। आयोग से उन्होंने कहा  है कि पूरे घटना के बाद वह अपमानित महसूस कर रही हैं। स्थानीय पुलिस भी साथ होने के कारण वह डरी हुई भी महसूस कर रही हैं। उन्होंने कांके थाना के आभाष कुमार के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है

पत्नी के साथ हुआ है दुर्व्यवहार
इस मामले में जब द फॉलोअप की टीम ने विधायक समरीलाल से बात की तो उन्होंने कहा कि पत्नी के दुर्व्यवहार हुआ है। कांके से बीजेपी के विधायक समरीलाल का कहना है कि कांग्रेस सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। पत्नी के साथ पुलिस ने गलत व्यवहार किया है। उन्हें जातिसूचक गाली दी है। इसलिए पत्नी ने राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग में शिकायत की।

कांके थाना प्रभारी ने आरोपों को सीरे से किया खारिज
अनीता देवी द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में द फॉलोअप ने जब कांके थाना प्रभारी आभाष कुमार से बात की तो उन्होंने इसे सीरे से खारिज कर दिया। आभाष कुमार ने फॉलोअप को बताया कि वे विधिपूर्वक उनसे पूछताछ करने गए थे। कोई भी अमर्यादित शब्दों का प्रयोग नहीं किया है। उन्होंने ये भी बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में जब उनसे पूछताछ हो रही थी तब उनकी महिला सहयोगी को भी बगल में बैठाया गया था। सादा कागज़ पर जबरदस्ती साइन करवाने के मामले को भी उन्होंने नाकारा और कहा कोई साइन उनसे लिया ही नहीं गया है और आधार कार्ड का फोटो भी वह खुद से दी हैं न कि जबरदस्ती लिया गया है।

जानें क्या है पूरा मामला
दरअसल कांके से बीजेपी के विधायक समरी लाल के खिलाफ हाईकोर्ट में एक सुनवाई चल रही है। यह सुनवाई उनके जाति प्रमाण पत्र से जुड़ा है। कांग्रेस नेता सुरेश बैठा ने समरीलाल को बाहरी बताया था और जाति प्रमाण पत्र को फर्जी बताते हुए उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की थी। लेकिन विधायक समरी लाल न्यायालय के शरण में चले गए थे। इसी सिलसिले में रांची पुलिस राजस्थान उनकी पत्नी से पूछताछ करने गई थी।

हमारे वाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करेंhttps://chat.whatsapp.com/EUEWO6nPYbgCd9cmfjHjxT