द फॉलोअप डेस्क
रांची बिरसा मुंडा एयरपोर्ट की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। एयरपोर्ट पर अब आइसोलेशन वे बनाया जाएगा। इसका डिजाइन और योजना अंतिम चरण में है और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के कोलकाता क्षेत्रीय मुख्यालय ने इसे मंजूरी दे दी है।हाल के दिनों में एयरपोर्ट को उड़ाने, व विमान में बम रखने और हाईजैक जैसी धमकियों के कारण इसे अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इसी वजह से यह विशेष सुरक्षा व्यवस्था बनाई जा रही है। इस परियोजना पर लगभग 15 से 20 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। ये ऑपरेशन एरिया 20 एकड़ में विकसित होगा। एयरपोर्ट के विस्तार के लिए अधिग्रहित 303 एकड़ जमीन में ‘आइसोलेशन वे’बनाया जाएगा। यह कदम रांची एयरपोर्ट को सुरक्षा के लिहाज से देश के आधुनिक और संवेदनशील एयरपोर्ट्स की श्रेणी में लाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। आइसोलेशन वे का डिजाइन, लंबाई: करीब 350 मीटर,चौड़ाई: 30 मीटर,ऑपरेशन एरिया: लगभग 20 एकड़ और विमान के मूवमेंट के लिए 20 मीटर का रास्ता,दोनों ओर से 3.5 मीटर का शोल्डर (लाइटिंग आदि के लिए रखा जाएगा )आइसोलेशन वे एयरपोर्ट का विशेष रास्ता है। इसके जरिए किसी भी संदिग्ध या आपात स्थिति वाले विमान को सामान्य परिचालन क्षेत्र से अलग रखा जा सकेगा। यह रनवे से जुड़ा होता है, लेकिन अलग-थलग संचालन के लिए तैयार किया जाता है। इसका उद्देश्य है जोखिम को बाकी विमानों और यात्रियों से दूर रखना।
इसे कब और क्यों इस्तेमाल किया जाएगा
1.विमान में बम होने की सूचना मिलने पर
2. हाईजैक की आशंका होने पर
3.किसी संक्रमण के फैलने का खतरा होने पर
4.वीआईपी या संवेदनशील उड़ानों की सुरक्षा के लिए
5.पहले भी हो चुका है उपयोग
चार जून 2025 को अहमदाबाद से पटना आ रही इंडिगो फ्लाइट 6ई-921 में बम की सूचना मिलने के बाद विमान को लैंडिंग के तुरंत बाद आइसोलेशन वे में ले जाया गया था। उस समय 195 यात्री सवार थे। इसी तरह चंडीगढ़ और तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर भी बम धमकी के मामलों में इसी तरह की सुविधा इस्तेमाल की गई थी। भविष्य में रांची में भी यह सुविधा मिल जाएगी। निर्माण कब शुरू होगा इस पर एयरपोर्ट निदेशक विनोद कुमार ने बताया कि डिजाइन को मंजूरी मिल चुकी है और योजना अंतिम चरण में है। अब जिला प्रशासन द्वारा जमीन उपलब्ध कराए जाने के बाद निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।और उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में विमान को सीधे आइसोलेशन वे में भेजा जाएगा और सुरक्षा एजेंसियां विशेष ऑपरेशन चलाकर यात्रियों और एयरपोर्ट की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी।.jpg)