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2800 बेड वाला मल्टी स्पेशियलिटी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल होगा रिम्स–2, जानें पूरी बात

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रांची
रांची में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए रिम्स-2 के तहत 2,800 बेड के भव्य मल्टी स्पेशियलिटी टीचिंग हॉस्पिटल सह मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए सोमवार को टेंडर जारी कर दी गई है। झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा जारी की गई इस भारी-भरकम परियोजना को एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा वित्तपोषित 'जागृति' योजना के तहत पूरा किया जाएगा। 
एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से बनेगी परियोजना
यह मेगा प्रोजेक्ट स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से शुरू किया गया है। इसे एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा वित्तपोषित 'जागृति' झारखंड एक्शन फॉर जेनरेटिंग रिस्पॉन्सिव एंड इंक्लूसिव ट्रांसफॉर्मेशंस इन हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना के तहत तैयार किया जा रहा है। इस आधुनिक मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल का निर्माण 'डिजाइन एंड बिल्ड कॉन्ट्रैक्ट' मॉडल के तहत किया जाएगा।17 अगस्त तक जमा होगी बोली
झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने के लिए बोली जमा करने की अंतिम तिथि 17 अगस्त निर्धारित की गई है। इसी दिन शाम 3:30 बजे प्राप्त हुई बोलियों को खोला जाएगा, जिसके बाद आगे की चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। परियोजना की भव्यता को देखते हुए निविदा में शामिल होने वाली कंपनियों के लिए पात्रता के बेहद कड़े नियम तय किए गए हैं, जिसके तहत इच्छुक कंपनियों का पिछले तीन वर्षों का न्यूनतम औसत वार्षिक टर्नओवर 1,667 करोड़ रुपये होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, कंपनी के पास कम से कम 208 करोड़ रुपये के वित्तीय संसाधन होने चाहिए और उनके पास मार्च 2021 के बाद कम-से-कम 350 बेड वाले अस्पताल प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा करने का पूर्व अनुभव होना भी जरूरी है। इन 6 तकनीकी क्षेत्रों में विशेषज्ञता जरूरी
अस्पताल के निर्माण और संचालन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए बोलीदाताओं के पास निम्नलिखित मुख्य गतिविधियों में से कम से कम 6 क्षेत्रों में काम करने का अनिवार्य अनुभव होना चाहिए। न्यूनतम 350 बेड वाले अस्पताल के लिए अस्पताल/मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण, एचएमआईएस, एमजीपीएस, एमओटी, पीटीएस, सीएसएसडी, लॉन्ड्री सिस्टम, हॉस्पिटल फर्नीचर, वीआरएफ/एचवीएसी, फायर फाइटिंग सिस्टम एवं ईटीपी/एसटीपी जैसे क्षेत्रों में अनुभव अनिवार्य किया गया है।

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