खूंटी
जिले में हो रही लगातार बारिश लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। पेलोल गांव में बनई नदी पर बना अस्थायी डायवर्सन शुक्रवार रात की बारिश में बह गया। यह डायवर्सन 19 जून को पुल के टूटने के बाद श्रावणी मेले को देखते हुए जल्दबाजी में तैयार किया गया था। पहली ही तेज बारिश में यह भी पानी के तेज बहाव में बह गया।
स्थानीय भाजपा नेता मनोज कुमार ने बताया कि शुक्रवार की रात हुई बारिश के बाद अब यह डायवर्सन भी पूरी तरह बेकार हो चुका है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में न तो कोई स्थायी पुल बन सकता है और न ही टिकाऊ डायवर्सन की उम्मीद की जा सकती है।

छाता नदी पर बना डायवर्सन तीसरी बार टूटा
इसी तरह डोड़मा-गोविंदपुर मार्ग पर छाता नदी पर बना डायवर्सन इस मानसून में तीसरी बार बह गया है। पहली बार यह 19 जून को, दूसरी बार 8 जुलाई को और अब तीसरी बार शुक्रवार रात को बह गया। डायवर्सन टूटने से डोड़मा, जम्हार, गोविंदपुर रोड रेलवे स्टेशन समेत दर्जनों गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क कट गया है।
करीब दो दशक पहले बना यह पुल खूंटी और गुमला जिलों को जोड़ता है, जो रांची के लापुंग प्रखंड से होकर गुजरता है। पुल के बार-बार बहने से सौ से अधिक गांव प्रभावित हो रहे हैं।

स्कूली बच्चों को हो रही भारी परेशानी
आवागमन बाधित होने से सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ा है। स्थानीय लोग जान जोखिम में डालकर मोटरसाइकिल और साइकिल को धक्का देकर पानी पार कर रहे हैं। चार पहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद है। ग्रामीणों को अब वैकल्पिक मार्ग से 8 से 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। जलस्तर कम होने पर
पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता रामेश्वर साह ने बताया कि भारी बारिश और तेज बहाव के कारण डायवर्सन टूट गया है। उन्होंने कहा कि जलस्तर कम होते ही इसकी मरम्मत शुरू की जाएगी।
