द फॉलोअप, रांची
अरसे बाद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और उड़ीसा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास ने केंद्रीय नेताओं से मुलाकात का नया सिलसिला प्रारंभ किया है। दो दिन पूर्व अयोध्या में श्रीराम का दर्शन करने के बाद वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। कहा-पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और योगी जी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई उंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। राज्य की कानून व्यवस्था सुदृढ़ है। यूपी ने चौमुखी विकास कर सुशासन के नए आयाम स्थापित किए हैं। फिर रघुवर दास ने दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की। फिर कहा-राजनाथ सिंह से मिलना हमेशा नई ऊर्जा प्रदान करता है। यह भी स्वीकार किया कि राजनाथ सिंह से उनकी कई विषयों पर चर्चा हुई।

रघुवर दास का केंद्रीय नेताओं से शुरू हुई मुलाकात के इस सिलसिले पर भाजपा के भीतर कई तरह की चर्चा प्रारंभ हो गयी है। स्वाभाविक भी है। रघुवर दास ने 24 दिसंबर 2024 को ओडिशा के राज्यपाल पद से अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को सौंपा था। उसके बाद राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया था। इसके बाद 10 जनवरी 2025 को रघुवर दास ने भाजपा की सक्रिय राजनीति में वापसी करते हुए पार्टी की सदस्यता फिर से ग्रहण की। राज्यपाल पद छोड़ने और भाजपा में वापसी के बाद रघुवर दास ने 11 जनवरी 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उसके बाद से रघुवर दास किसी नयी जिम्मेदारी की तलाश में रहे। डेढ़ साल से वह पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता की तरह हाईकमान के आदेश की प्रतीक्षा करते रहे। लेकिन भाजपा ने उन्हें अब तक कोई नयी जिम्मेदारी नहीं दी।

जानकारों का कहना है कि काफी प्रतीक्षा करने के बाद फिर से सक्रिय राजनीति में कूदने वाले रघुवर दास अब सही मायने में सक्रिय होने की जुगाड़ में लग गए हैं। क्योंकि समर्थकों का भी उन पर लगातार आगे बढ़ने का दबाव पड़ रहा था। मालूम हो कि भाजपा के नव नियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अब तक अपनी कमेटी का गठन नहीं किया है। नयी कमेटी को लेकर होमवर्क जारी है। इसमें झारखंड का भी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी उलटफेर अवश्यंभावी बताया जा रहा है, जिसका असर पार्टी संगठन पर पड़ने वाला है। इसे देखते हुए ही रघुवर दास भी लगभग डेढ़ साल बाद अपना असर दिखाने में लग गए हैं।
