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MMDR बिल पर रघुवर दास का वार: ‘जनता को भ्रमित कर रही सरकार, अवैध खनन बंद होने की बेचैनी

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द फॉलोअप डेस्क, रांची: 

MMDR संशोधन बिल को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और गठबंधन के नेता MMDR बिल को लेकर जनता को भ्रमित कर रहे हैं। रघुवर दास ने कहा कि संशोधन का उद्देश्य झारखंड के खनिज संसाधनों का अधिक से अधिक लाभ राज्य और स्थानीय लोगों तक पहुंचाना है।

JMM-कांग्रेस के संरक्षण में कोयला, बालू और पत्थर की लूट 

रघुवर दास ने आरोप लगाया कि JMM-कांग्रेस के संरक्षण में राज्य में कोयला, बालू और पत्थर के अवैध सिंडिकेट सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है। उनका आरोप है कि अवैध खनन के कारण राज्य को वैध राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है।

उन्होंने कहा कि MMDR संशोधन के बाद खनन क्षेत्र से मिलने वाले राज्य के वैधानिक भुगतान और टैक्स में कोई बड़ी कटौती नहीं होने वाली है। उनके मुताबिक माइनिंग सेक्टर से मिलने वाले कुल टैक्स और वैधानिक भुगतान का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को मिलता है और आगे भी यह व्यवस्था जारी रहेगी।

डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड में भी घोटाला 
रघुवर दास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में जिला खनिज फंड (DMF) के जरिए रॉयल्टी के अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा का वास्तविक लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचे, इसी उद्देश्य से DMF और अन्य योजनाएं लागू की गई हैं। रघुवर दास ने राज्य में खनन परियोजनाओं के संचालन पर भी सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि झारखंड में 34 कोल ब्लॉक को मंजूरी मिली, लेकिन अब तक केवल चार ब्लॉक ही चालू हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि लंबित कोल ब्लॉक शुरू होते तो राज्य को करोड़ों रुपये का राजस्व मिलता और रोजगार के अवसर भी बढ़ते।

DMFT फंड की राशि खर्च नहीं कर पाई सरकार

राज्य में बड़ी राशि DMFT फंड में उपलब्ध होने के बावजूद उसका पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है। रघुवर दास ने दावा किया कि रामगढ़ में करीब 518 करोड़ रुपये का DMFT फंड खर्च नहीं हो पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए निर्धारित राशि के इस्तेमाल में भी अनियमितताएं हुई हैं।

स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी रघुवर दास ने राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में लोगों को आज भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा, अस्पताल और एंबुलेंस जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि सरकार बताए कि पिछले छह वर्षों में किन आदिवासी परिवारों की स्थिति में वास्तविक बदलाव आया है।

MMDR बिल पास होने से गठबंधन सरकार बेचैन 
रघुवर दास ने कहा कि MMDR बिल पास होने से अवैध खनन पर रोक लगेगी और इसी वजह से अवैध खनन से जुड़े लोगों में बेचैनी है। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता अब कथित 'लुटतंत्र' को समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि झारखंड में सेस और अन्य अतिरिक्त भार के कारण राज्य का कोयला और लोहा महंगा हो रहा था। 

उनका तर्क है कि कोयला महंगा होने का सीधा असर बिजली की कीमत पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ की तुलना में झारखंड में अधिक सेस लगाए जाने का भी सवाल उठना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विदेश दौरों और निवेश के दावों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विदेश में बड़े-बड़े निवेश के वादे किए गए, लेकिन जमीन पर उसका अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं दे रहा है।

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