रांची
समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। भूमि विवाद, राशन, पेंशन, जाति प्रमाण पत्र, पीएम आवास, दाखिल-खारिज, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी समस्याओं से जुड़ी कई शिकायतें दर्ज की गईं।
कार्रवाई में ढिलाई पर दो अधिकारियों पर गिरी गाज
जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं करने पर उपायुक्त ने मांडर अंचल अधिकारी और कांके अंचल कार्यालय के एक कर्मचारी को शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
कांके की कमला देवी द्वारा जमीन से संबंधित ऑनलाइन पंजी-2 में सुधार के लिए पूर्व में की गई शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित कर्मचारी को नोटिस जारी किया गया। इसी प्रकार, मांडर की गीता देवी द्वारा फर्जी वंशावली और दस्तावेज़ों के आधार पर म्यूटेशन की शिकायत पर भी मांडर अंचल अधिकारी को लापरवाही के लिए तलब किया गया।

शिक्षा के अधिकार के उल्लंघन पर सख्ती
बुंडू निवासी वरुण महतो द्वारा शिक्षा के अधिकार के तहत चयनित होने के बावजूद विद्यालय में नामांकन न होने की शिकायत पर उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधीक्षक को जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भूमि विवाद और किरायेदार की शिकायत पर निर्देश
एक अन्य मामले में सुजीत कश्यप और जॉर्ज कच्छप ने जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की, जिस पर उपायुक्त ने वरीय पुलिस अधीक्षक व अनुमंडल पदाधिकारी को कार्रवाई करने को कहा। जयप्रकाश साहू की किरायेदार हटाने की मांग पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

डिस्लेक्सिया से पीड़ित बच्चों की देखभाल करने वाली शिक्षिका मती रजनी प्रिया और एक कैंसर मरीज की देखभाल कर रहीं शिक्षिका की स्थानांतरण संबंधी मांग पर उपायुक्त ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया।
जनता दरबार में उपायुक्त भजंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अंचल अधिकारी, बीडीओ और विभागीय अधिकारियों से आमजन से सीधे संवाद स्थापित करने और समस्याओं के त्वरित निष्पादन की अपेक्षा जताई।
