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"मैं सड़क पर आ गया", JSSC-CGL रद्द होने पर और क्या बोले चयनित अभ्यर्थी...

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द फॉलोअप डेस्क, रांची:
JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में सुधार की मागं को लेकर जारी आंदोलन के बीच सरकार ने JSSC-CGL समेत TDPL द्वारा आयोजित कराई गई सभी परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। इससे JSSC-CGL में चयनित अभ्यर्थी आक्रोशित हैं और प्रोजेक्ट भवन के पास भारी बारिश के बीच विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि सरकार के फैसले के बाद मैं सड़क पर आ गया हूं। मैं अपने माता-पिता से कहना चाहूंगा कि कृपया धैर्य रखें, हम फिर जीतेंगे। उन्होंने सरकार से अपना फैसला वापस लेने की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि सरकार का फैसला दरअसल, अदालत के आदेश का अपमान है।

उन्होंने कहा कि आज न्याय और न्यायालय की हार हुई है। अभ्यर्थी ने कहा कि मैं कोर्ट जाकर अपने  अधिकारों के लिए लड़ूंगा। एक महिला अभ्यर्थी ने कहा कि यदि शिकायत है तो मामले की CBI जांच कराते। सीधा परीक्षा रद्द कर देना आखिरकार कहां का न्याय है। 

 

सीएम ने परीक्षा रद्द करने की घोषणा की
गौरतलब है कि आज कैबिनेट की आपात बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने CGL समेत TDPL द्वारा आयोजित कराई गई सभी भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं की जांच होगी। IAS अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने की घोषणा हुई, जो JPSC और JSSC में सुधार की दिशा में काम करेगी। 

अभय तिवारी के चौंकाने वाले कबूलनामे
14वीं JPSC मामले में गिरफ्तार अभय तिवारी के कबूलनामे के बाद रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलनरत छात्रों की तरफ से CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग जोर पकड़ने लगी थी। आंदोलनरत छात्रों का कहना था कि CGL परीक्षा को रद्द किए बिना आंदोलन खत्म नहीं होगा। दरअसल, इस परीक्षा के जरिये ना केवल परीक्षा माफिया अभय कुमार तिवारी बल्कि उसके बहुत सारे रिश्तेदारों का भी चयन हुआ था। इसके अलावा पूछताछ में यह बात सामने आई कि अन्य अभ्यर्थियों ने भी पैसे देकर नौकरी पाई। 

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