द फॉलोअप डेस्क, रांची:
JSSC-CGL समेत कुल 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले के खिलाफ प्रोजेक्ट भवन के बाहर चयनित अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है। चयनित अभ्यर्थियों का एक बड़ा समूह प्रोजेक्ट भवन के मुख्य दरवाजे के सामने बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर प्रोजेक्ट भवन के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अभ्यर्थी न्याय दो या फांसी दो, कोचिंग माफिया हाय-हाय और वी वॉन्ट जस्टिस के नारे लगा रहे हैं। गौरतलब है कि इस विरोध प्रदर्शन में CGL और फूड सेफ्टी ऑफिसर समेत कई अन्य भर्ती परीक्षाओं में चयनित अभ्यर्थी हिस्सा ले रहे हैं।
गौरतलब है कि 14वीं JPSC पीटी परीक्षा में गड़बड़ी की जांच के बीच हेमंत सरकार ने 2010 से अब तक ली गई कुल 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द किया है। 17 परीक्षाओं की CBI जांच कराने का फैसला किया है और 6 परीक्षाएं मौजूदा CID जांच पूरी होने तक स्थगित की गई है। गौरतलब है कि JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में व्यापक सुधार की मांग को लेकर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 26 दिन तक आंदोलन चला।

मोरहाबादी मैदान से निकलेगी तिरंगा यात्रा
गौरतलब है कि JSSC-CGL के चयनित अभ्यर्थियों ने आज शाम को करीब 5 बजे से तिरंगा यात्रा निकालने का कार्यक्रम तय किया है। कार्यक्रम के मुताबिक तिरंगा यात्रा मोरहाबादी मैदान से होकर रांची के अल्बर्ट एक्का चौक तक चलेगी। इससे पहले CGL के अभ्यर्थियों ने प्रोजेक्ट भवन से लेकर रांची के बिरसा चौक तक फ्लैश मार्च निकाला था। इन अभ्यर्थियों का तर्क है कि सरकार ने उनका पक्ष सुने बिना उनकी नियुक्ति को रद्द कर दिया है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार ने इतना बड़ा फैसला बिना किसी वार्ता के भीड़तंत्र के दबाव में लिया है।
इन अभ्यर्थियों का दावा है कि उन्होंने पूरी ईमानदारी से परीक्षा देकर पारदर्शी तरीके से नौकरी पाई है। यदि कहीं किसी ने गड़बड़ी की है तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार को जांच करना चाहिए था, लेकिन ऐसे नियुक्ति को रद्द नहीं करना चाहिए था।
अभय कुमार तिवारी की गिरफ्तारी से खुले राज
दरअसल, 14वीं JPSC सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम आने के बाद इसमें गड़बड़ी के आरोप लगे। सरकार ने CID को जांच सौंपी। जांच के दौरान पोड़ैयाहाट प्रखंड में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के रूप में पदस्थापित अभय कुमार तिवारी की गिरफ्तारी हुई। अभय कुमार तिवारी अतीत में उस TDPL कंपनी का मार्केटिंग मैनेजर रह चुका है, जिसे 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा समेत कई अन्य भर्ती परीक्षाओं को संपन्न कराने का जिम्मा सौंपा गया था।
पूछताछ में सामने आया कि TDPL कंपनी के निदेशक रामवीर सिंह ने आयोग के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांगते की मिलीभगत से अवैध तरीके से पैसे लेकर अभ्यर्थियों का रिजल्ट बनाया। अभय कुमार तिवारी ने कथित तौर पर यह स्वीकार किया है कि JSSC-CGL परीक्षा में भी धांधली की गई थी।