द फॉलोअफ डेस्क
पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड अंतर्गत कोवाली थाना क्षेत्र के हेंसड़ा गांव निवासी करण बेरा ने कोवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में उन्होंने अपने पिता श्यामा प्रसाद बेरा के साथ कथित मारपीट, रिश्वत मांगने और झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। करण बेरा के अनुसार, उनके पिता श्यामा प्रसाद बेरा लंबे समय से शुगर और उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण सामान्य रूप से चलने-फिरने में भी असमर्थ रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 6 जून 2026 की रात करीब 12 बजे कोवाली थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ उनके घर पहुंचे और उनके पिता पर गांजा कारोबार में संलिप्त होने का आरोप लगाते हुए उन्हें थाना ले गए।

पिता की चीख पुकार पूरे थाने में सुनाई दे रही थी
शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना की जानकारी मिलने पर वह अपने भाइयों के साथ रात में कोवाली थाना पहुंचे। वहां उन्होंने अपने पिता के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया। करण बेरा के मुताबिक, उनके पिता की चीख-पुकार थाना परिसर के बाहर तक सुनाई दे रही थी। उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने हस्तक्षेप करने का प्रयास किया तो उन्हें अपशब्द कहकर वहां से भगा दिया गया। अगली सुबह थाना पहुंचने पर उन्हें जानकारी मिली कि उनके पिता को पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया है। अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने अपने पिता को उपचाराधीन पाया। शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके पिता ने बताया कि रातभर उनके साथ मारपीट की गई, जिससे उनके शरीर में दर्द और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ गईं।

एक लाख रुपये की मांग
करण बेरा ने यह भी आरोप लगाया है कि थाना प्रभारी की ओर से एक लाख रुपये की मांग की जा रही है। उनका दावा है कि रकम नहीं देने पर उनके पिता को झूठे गांजा मामले में जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके पिता निर्दोष हैं और उन्हें जानबूझकर फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायत में कहा गया है कि घटना के बाद वृद्ध की तबीयत और बिगड़ गई है तथा उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता है। शिकायतकर्ता ने एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने और उनके पिता को न्याय दिलाने की मांग की है। मामले की शिकायत की प्रतिलिपि झारखंड के मुख्यमंत्री, डीजीपी, डीआईजी कोल्हान और डीएसपी मुसाबनी को भी भेजी गई है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।