रांची
80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए भाषण में इस्तेमाल किए गए 'दिमागी नक्सल' शब्द ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता उज्जवल प्रकाश तिवारी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दिमागी नक्सल या ऐसा कोई भी ठप्पा अब काम नहीं आएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के पढ़े-लिखे युवाओं को सिर्फ इसलिए 'नक्सली' कैसे कहा जा सकता है क्योंकि वे सरकार से सवाल पूछते हैं। उज्जवल तिवारी ने इसे केंद्र सरकार का अहंकार और युवाओं की समस्याएं हल करने में उसकी नाकामी करार दिया। कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री का यह बयान असल में असहमति की आवाजों को दबाने की कोशिश है। उनके मुताबिक, यह बयान रोजगार और शिक्षा की मांग कर रहे युवाओं के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए दिया गया है।

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