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24 घंटे में क्लीन चिट देने के मामले में ईडी के सवालों का जवाब नहीं दे पाए पीके मिश्रा

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द फॉलोअप डेस्क
बरहरवा टोल प्लाजा मामले में शिकायतकर्ता शंभु नंदन कुमार के एफआईआर दर्ज कराने के 24 घंटे के भीतर मंत्री आलमगीर आलम और पंकज मिश्रा (झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि) को कैसे क्लीन चिट मिली। जानकारी के अनुसार ईडी के इस सवाल का डीएसपी पीके मिश्रा संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। दरअसल साहिबगंज में एक हजार करोड़ रुपये के अवैध पत्थर खनन मामले की जांच ईडी कर रही है। इसके तहत ही झारखंड पुलिस के डीएसपी प्रमोद मिश्रा से बरहरवा टोल प्लाजा मामले के पूछताछ सोमवार को की गई। सूत्रों की मानें तो ईडी ने डीएसपी को यह बताने के लिए कहा कि उन्होंने उनके खिलाफ डिजिटल सबूतों की जांच क्यों नहीं की। क्या आलमगीर आलम और पंकज मिश्रा को क्लीन चिट देने का कोई दबाव था। ऐसे कई सवाल डीएसपी से पूछे गए। वहीं, अब ईडी ने डीएसपी से उनके व्यक्तिगत और पैतृक संपत्तियों के साथ-साथ परिवार के सदस्यों और उनकी आय का विवरण भी मांगा है।

दो बार समन देने के बाद भी नहीं आए थे डीएसपी
ईडी ने डीएसपी को छह दिसंबर 2022 को पहली बार समन भेजकर 12 दिसंबर 2022 को पूछताछ के लिए उपस्थित होने का आदेश दिया था। मगर डीएसपी उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद ईडी ने दूसरा समन 13 दिसंबर 2022 को फिर भेजा था। तब 15 दिसंबर 2022 को ईडी ऑफिस में पेश होने कहा गया था मगर दोनों ही समन में डीएसपी उपस्थित नहीं हुए। ऐसे में अब तीसरी बार समन देकर पूछताछ के लिए ईडी ने उन्हें बुलाया वहीं, कोर्ट ने डीएसपी को ईडी के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया था। इसके बाद वे तीसरे समन में सोमवार को ईडी के समक्ष पूछताछ के लिए उपस्थित हुए थे।

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