द फॉलोअप डेस्क
झारखंड के लोगों के लिए खुशखबरी है। अब सरकारी हॉस्पिटल रिम्स को तीन नेफ्रोलॉजिस्ट और तीन प्लास्टिक सर्जन समेत 21 नए डॉक्टर मिलने वाले हैं। इसके लिए प्रबंधन ने प्रक्रिया शुरू कर दि है।
इसमें प्लास्टिक सर्जरी तीन, न्यूरोलॉजी दो, मेडिकल ओंकोलॉजी चार, सर्जिकल ओंकोलॉजी दो, नेफ्रोलॉजी तीन, पेडियाट्रिक सर्जरी तीन और नियोनेटोलॉजी तीन एक अन्य शामिल हैं। 21 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए 27 जनवरी को वाक इन इंटरव्यू रखा गया है। इसके बाद 21 सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर रिम्स का हिस्सा बन जाएंगे। इन डॉक्टरों की बहाली तीन साल के लिए होगी। इससे ओपीडी से लेकर इनडोर तक मरीजों को राहत मिलेगी।
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20 बेड का अतिरिक्त वार्ड है तैयार
इसके अलावा रिम्स में 20 बेड का अतिरिक्त वार्ड तैयार किया गया है जहां गंभीर मरीजों का तुरंत इलाज होगा। इस सिलसिले में रिम्स अधीक्षक डॉक्टर हरेंद्र बेरवा ने बताया कि झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी मरीज रिम्स आते हैं ऐसे में बेड कम होने पर मरीजों को बेड नहीं मिल पाता था। ये सुविधा हो जाने से झारखंड के विभिन्न जिलों सेआने वाले मरीजों को राहत मिलेगी।
चिकित्सा संस्थान में मरीजों की संख्या बढ़ी
बता दें की झारखंड के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले तीन दिनों में ही ठंड, बुखार, सर्दी-खांसी आदि बीमारियों के 80 से अधिक मरीज रिम्स में भर्ती हो चुके हैं। जबकि ओपीडी में मेडिसिन विभाग में रोजाना 150 से 200 मरीजों की संख्या देखी जा रही है। 10 फीसद से अधिक मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। उन्हें अगले दिन बुलाया जा रहा है। मेडीसीन विभाग के यूनिट इंचार्ज ने बताया कि वर्तमान में मौसम परिवर्तन से सबसे अधिक परेशानी वृद्ध और बच्चो में देखने को मिल रही है। 12 साल तक के बच्चे और 55 से 65 तक के बुजुर्गों में मौसम में नमी के कारण सर्दी-बुखार के लक्षण दिख रहे हैं। करीब 60 फीसद मरीज को परामर्श देने के बाद छोड़ा जा रहा है, जबकि 40 फीसद मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।

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